लीबिया में विद्रोहियों के हिंसक संघर्ष के बीच 400 क़ैदी फ़रार
लीबिया में पुलिस का कहना है कि राजधानी त्रिपोली में विद्रोही गुटों में जारी हिंसक संघर्ष के बीच लगभग 400 कैदी जेल से फरार हो गए हैं.
पुलिस के मुताबिक कैदियों ने आइन ज़ारा जेल के दरवाज़े तोड़ दिए और फरार हो गए. जेल के सुरक्षाकर्मी अपनी जान बचाते हुए भाग खड़े हुए.
राजधानी में विद्रोही गुटों के बीच चल रहे घमासान को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार ने वहाँ आपातकाल घोषित कर दिया है.
आइन ज़ारा जेल में रखे गए अधिकतर क़ैदियों को लीबिया के पूर्व नेता मुहम्मद गद्दाफ़ी का समर्थक माना जाता है. साल 2011 में गद्दाफ़ी की सरकार के ख़िलाफ़ हुए विद्रोह में इन्हें लोगों की हत्या करने का दोषी पाया गया था.
आपातकालीन सेवा और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार को राजधानी त्रिपोली के रिहायशी इलाके में हुए एक रॉकेट हमले में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. विद्रोही गुटों के बीच जारी गोलीबारी के बीच हज़ारों की संख्या में लोग अपने घरों से पलायन कर गए हैं.
पिछले कुछ दिनों में त्रिपोली में जारी हिंसा में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है, इसमें कई आम नागरिक भी शामिल हैं.
लीबिया में आमतौर पर संयुक्त राष्ट्र समर्थिक सरकार सत्ता में रहती है, लेकिन देश के अधिकांश हिस्से पर चरमपंथी गुटों का नियंत्रण है.
क्यों हुई हिंसा?
पिछले हफ्ते हिंसा तब शुरू हुई जब चरमपंथियों ने त्रिपोली के दक्षिणी इलाके में हमला किया. इसके बाद उनका स्थानीय सरकार समर्थित चरमपंथी गुटों से संघर्ष चल रहा है.
लीबिया की राष्ट्रीय साझा सरकार यानी जीएनए ने हिंसक झड़पों को देश की राजनीतिक स्थिरता को खत्म करने का प्रयास बताया है और कहा है कि वो इन झड़पों पर चुप नहीं रह सकती क्योंकि ये राजधानी की सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं.
मानवाधिकार संगठनों ने भी हिंसा की निंदा की है और कहा है कि इस हिंसा में 18 आम नागरिकों की मौत की ख़बर है, जिसमें चार बच्चे भी शामिल हैं.
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