कौन है वो अज्ञात रसोइया, जिसने ISI के किले में घुसकर 26/11 के मास्टरमाइंड आतंकी साजिद मीर को दिया जहर?
Sajid Mir Poisoned: 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंडों में से एक साजिद मीर को पाकिस्तान के डेरा गाजी खान की सेंट्रल जेल में जहर दे दिया गया है। ये वो जेल है, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का किला माना जाता है और इस जेल के अंदर साजिद मीर को रखा गया है, लेकिन इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद भी साजिद मीर को जहर दे दिया गया है और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साजिद मीर के बचने की संभावना काफी कम है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहर दिए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने साजिद मीर को सीएमएच इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बहावलपुर में एयरलिफ्ट किया गया है, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।

साजिद मीर को कुछ महीने पहले ही लाहौर सेंट्रल जेल से ट्रांसफर किया गया था, जहां वह पिछले साल से बंद था। पाकिस्तान की आतंकवाद-निरोधी अदालत ने पिछले साल उसे आतंक-वित्तपोषण मामले में 15 साल की जेल की सजा सुनाई थी।
किस रसोइये ने दिया जहर?
बताया जा रहा है, कि साजिद मीर को जहर दिए जाने के बाद से जेल का रसोइया गायब है। सेंट्रल जेल डेरा गाजी खान की रसोई में ये रसोइया, अक्टूबर 2023 से काम कर रहा था और वो एक निजी रसोइया था, जो अब लापता है। वहीं, पाकिस्तानी एजेंसियां उसे पकड़ने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उसके बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं है।
पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों में कई बड़े आतंकियों की अज्ञात लोगों ने हत्याएं की हैं, जिसके बाद कई बड़े आतंकियों को आईएसआई ने कड़ी सुरक्षा में खुफिया ठिकानों पर छिपा दिया है। लेकिन, जेल में बंद 50 लाख डॉलर के इनामी मोस्ट वांटेड आतंकवादी साजिद मीर को जहर दिए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मचा हुआ है।
यूनाइटेड नेशंस में चीन ने बचाया था
आपको बता दें, कि पिछले साल सितंबर महीने में साजिद मीर को यूनाइटेड नेशंस में चीन ने ब्लैक लिस्ट होने से बचा लिया था। बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी के तौर पर मीर को काली सूची में डालने के अमेरिका के प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी।
इसके तहत आतंकवादी साजिद मीर की संपत्तियों को कुर्क करने और उस पर यात्रा तथा शस्त्र प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव था। प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के साजिद मीर भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी है और अमेरिका ने 2008 में हुए 26/11 मुंबई हमलों में उसकी भूमिका के लिए उस पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा है।
इसी साल जून में, मीर को पाकिस्तान में एक आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा आतंक-वित्तपोषण मामले में 15 साल से ज्यादा की जेल हुई थी। पाकिस्तानी अथॉरिटी ने पहले दावा किया था कि आतंकी साजिद मीर की मौत हो गई है लेकिन पश्चिमी देश को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं हुआ और उन्होंने उसकी मौत का सबूत मांगा था।
2021 में पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के आतंकवादियों पर कार्रवाई पर पाकिस्तान की प्रगति में यह एक बहुत बड़ा मसला बन गया था। मीर पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा आतंकी है। नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों की साजिश रचने को लेकर उसे मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल किया गया है।

लश्कर-ए-तैयबा का है संचालक
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, साजिद मीर लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों का संचालक था और उसने साजिश की तैयारी और हमले में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, अमेरिका के विदेश विभाग के मुताबिर, साजिद मीर साल 2001 से ही, जब वो कम 17-18 साल का था, तभी से लश्कर का टॉप सदस्य रहा है। वह 2006 से 2011 तक लश्कर की विदेशी गतिविधियों का प्रभारी रहा और उसने समूह के इशारे पर कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया।
इसके अलावा आतंकी मीर ने 2008 और 2009 के बीच डेनमार्क में एक अखबार तथा उसके कर्मचारियों के खिलाफ आतंकवादी हमले की कथित तौर पर साजिश रची थी। मुंबई हमलों में भूमिका के लिए मीर पर अप्रैल 2011 में अमेरिका में मुकदमा चलाया गया। अमेरिका के वित्त विभाग ने अगस्त 2012 में मीर को वैश्विक आतंकवादियों की सूची में डाल दिया था। विदेश विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक,खूंखार आतंकी मीर एफबीआई (FBI) की Most Wanted आतंकवादियों की सूची में शामिल है।












Click it and Unblock the Notifications