2024 ह्यूमैनिटेरियन एंड वर्क्स के लिए अब तक का सबसे घातक साल, मौतें 200 के पार
यूनाइटेड नेशन ने 2024 को मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं (Humanitarian Aid Workers) के लिए अब तक का सबसे घातक वर्ष घोषित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 281 सहायता कार्यकर्ता विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में मारे गए, जो पिछले साल के 280 मौतों के आंकड़े को पार कर गया है। यह वृद्धि विश्व भर में हिंसा और अस्थिरता की चिंताजनक स्थिति को दर्शाती है।
ओचा के प्रवक्ता जेन्स लार्के ने कहा कि 2024 मानवीय कर्मियों के लिए सबसे घातक वर्ष रहा है। उन्होंने गाजा, सूडान, लेबनान और यूक्रेन जैसे क्षेत्रों में सहायता कार्यकर्ताओं के साहस और निस्वार्थता पर प्रकाश डाला। उनके प्रयासों के बावजूद, वे बढ़ते खतरों का सामना कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप अभूतपूर्व मौतें हुई हैं।

कहां हो रही हैं सबसे अधिक मौतें?
- मध्य पूर्व के संघर्ष: फिलिस्तीनी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मौतें हुईं, जहां 230 सहायता कार्यकर्ताओं की जान गई। गाजा और वेस्ट बैंक में स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण रही।
- अन्य संकट क्षेत्र: अफगानिस्तान, सूडान, दक्षिण सूडान, कांगो, यमन और यूक्रेन जैसे देशों में भी सहायता कार्यकर्ताओं के लिए स्थिति खतरनाक बनी हुई है। इन क्षेत्रों में हिंसा, अपहरण और हिरासत के मामले बढ़े हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यकर्ता प्रभावित
- राष्ट्रीय कार्यकर्ता: 268 मारे गए, जो स्थानीय स्तर पर सहायता कार्यों में लगे थे।
- अंतरराष्ट्रीय कार्यकर्ता: 13 की जान गई।
इजरायल-हमास संघर्ष का प्रभाव
7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल और हमास के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद, 333 सहायता कार्यकर्ता मारे गए।
गाजा में अब तक 44,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या शामिल है।
संघर्ष के कारण सहायता कार्यकर्ताओं पर दबाव बढ़ा, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
सहायता कार्यकर्ताओं के लिए बढ़ते खतरे
- संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने कहा कि हिंसा, अपहरण, और उत्पीड़न के कारण सहायता कार्यकर्ता अभूतपूर्व खतरों का सामना कर रहे हैं।
- हिंसा: सहायता कार्यकर्ताओं को लक्षित हमलों का सामना करना पड़ा।
- सुरक्षा की कमी: गाजा से लेकर अफ्रीकी और एशियाई देशों तक, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होता जा रहा है।
डेटा कहां से आया?
यह डेटा एड वर्कर सिक्योरिटी डेटाबेस द्वारा जारी किया गया है, जिसे अमेरिका द्वारा वित्त पोषित किया जाता है और यूके स्थित समूह ह्यूमैनिटेरियन आउटकम्स द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
क्या है आगे की राह?
- सुरक्षा उपायों में सुधार: सहायता संगठनों को स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करना होगा।
- संघर्ष क्षेत्रों में बातचीत: सभी पक्षों से सहायता कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की जानी चाहिए।
- मानवीय सहयोग की रक्षा: संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को राजनीतिक विवादों से अलग रखने की आवश्यकता है।
2024 में मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं की मौतों में वृद्धि वैश्विक समुदाय के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का सवाल नहीं है, बल्कि संघर्ष क्षेत्रों में राहत और मदद पहुंचाने की प्रक्रिया को भी सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।












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