तुर्की में कई महीनों से जहाज पर फंसे हैं 12 भारतीय, कहा- धोखे से ले जाया गया, अब खाने को भी आफत
तुर्की के इस्तांबुल के अंबरली बंदरगाह पर एमवी फातमा ईलूल नाम का जहाज फंस गया है। इसमें भारत के 12 नाविक पिछले साढ़े तीन महीनों से फंसे हुए हैं। उनके पास पैसे भी नहीं हैं। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी 12 एजेंट्स के झांसे में फंस गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय भर्ती और प्लेसमेंट सेवा लाइसेंस (RPSL) एजेंट द्वारा ठगे गए नाविक अपने परिवार से मिलने के इंतजार में दिन काट रहे हैं। इन्हें इनकी मजदूरी भी नहीं मिली है।

Image Credit: The New Indian Express
जहाज के कप्तान क्लीटस जेसुडासन ने गुहार लगाई है कि या तो उन्हें आजाद करा लिया जाए या फिर मार डाला जाए। वे वहां असहाय महसूस कर रहे हैं, उनके पास गुजर-बसर करने के भी पैसे नहीं हैं। जहाज में कैद इन लोगों को बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।
नाविको ने बताया कि उन्हें बेलापुर, नवी मुंबई की NAMS शिप मैनेजमेंट, RPSL 268 और RAS शिप मैनेजमेंट द्वारा भर्ती किया गया था। लेकिन उन्हें ज्वाइनिंग के समय नहीं बताया गया था कि जहाज तुर्की की अथॉरिटीज की कब्जे में है, और उसे समंदर के किनारे रखा गया है।
पिछले साल सितंबर में मालिक द्वारा पिछले चालक दल को वेतन नहीं देने के कारण जहाज को तुर्की अधिकारियों द्वारा गिरफ्त में ले लिया गया था। एक अन्य नाविक कन्नन राजेंद्रन का कहना है कि जहाज पर चढ़ने के बाद, हमें एहसास हुआ कि जहाज लंबे समय से नहीं चल रहा था। जहाज की हालत बहुत खराब है।
नाविकों ने कहा कि एजेंटों ने जानबूझकर तथ्यों को छुपाया और हमें इस जहाज पर नौकरी के लिए धोखा दिया। उन्होंने जान जोखिम में डालने के लिए मैनिंग एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
चेन्नई के पास थिरुमाझीसाई के एक अन्य नाविक कन्नन राजेंद्रन ने कहा कि 16 जून को सुरक्षा और क्षतिपूर्ति कवर समाप्त हो जाएगा। हमारी स्थिति बेहद खराब है, ठीक से खाने को भी नहीं मिल रहा है।
जब द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने शिपिंग के उप महानिदेशक कैप्टन मनीष कुमार से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि एजेंटों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि RPSL एजेंट का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया। हम इस मुद्दे से अवगत हैं और हमने अधिकारियों से स्थिति जानने के लिए कहा है।
कैप्टन मनीष ने आगे कहा कि हम उन्हें वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ बातचीत भी कर रहे हैं। तुर्की में भारत की एंबेसी से संपर्क भी किया गया है। जल्द ही ये नाविक वापस भारत लौट आएंगे।












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