VIDEO: MP में बढ़ा सफेद टाइगर का कुनबा, रागिनी ने दिया 3 अलग-अलग रंग के शावकों को जन्म
इंदौर, 25 जुलाई : मध्यप्रदेश में इन दिनों सफेद टाइगरों का कुनबा लगातार बढ़ता चला जा रहा है, जहां अलग-अलग अभ्यारणों और चिड़िया घरों में सफेद टाइगर के शावकों का जन्म लेने का सिलसिला जारी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में भी सफेद टाइगरों का कुनबा बढ़ा है, जहां रविवार को बाघिन रागिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। खास बात यह है कि, इन तीनों शावकों में एक शावक सफेद रंग का है, जिस पर काले रंग की धारियां हैं, तो वहीं अन्य दो शावक पीले रंग के हैं, जिन पर काले कलर की धारियां हैं।
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इंदौर जू में बड़ी सफेद बाघों की संख्या
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में लगातार सफेद बाघों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्तमान में बाघों की संख्या कुल 15 हो गई है, जिनमें 7 फिलहाल शावक हैं, तो वहीं 8 युवा हो चुके हैं। इतना ही नहीं चिड़ियाघर प्रबंधन लगातार बाघों के कुनबे में बढ़ोतरी को लेकर प्रयास कर रहा है, जहां चिड़ियाघर प्रबंधन के यह प्रयास साकार होते नजर आ रहे हैं।

साल भर पहले लाए थे इंदौर
चिड़ियाघर प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की माने तो व्हाइट टाइगर रागिनी को लगभग साल भर पहले नंदन कानन जूलॉजिकल पार्क ओड़िशा से इंदौर लाया गया था। रागिनी को इंदौर चिड़ियाघर लाने का उद्देश्य टाइगर का कुनबा बढ़ाना था, जिसके बाद अब चिड़ियाघर प्रबंधन अपने इस उद्देश्य में कामयाब होता नजर आ रहा है, जहां बाघिन रागिनी ने तीन बच्चों शावकों को जन्म दिया है। वहीं अब चिड़ियाघर प्रबंधन इन तीनों ही शावकों की अच्छी तरह से देखरेख कर रहा है।

बाघिन और शावकों की देखरेख जारी
चिड़ियाघर प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि, बाघिन रागिनी और तीनों ही शावक स्वस्थ हैं, जहां जन्म के बाद से ही रागिनी और तीनों ही शावकों पर नजर रखी जा रही है। बाघिन रागिनी और तीनों ही शावकों की निगरानी कैमरों के जरिए की जा रही है। वहीं चिड़ियाघर प्रबंधन इनकी हर एक हरकत पर नजर बनाए हुए है।

धार से लाए शावकों की हालत भी ठीक
धार के वन रेंज ताना गांव से तेंदुए के दो बच्चों को इंदौर स्थित चिड़ियाघर लाया गया है। बताया जा रहा है कि, तेज बारिश के चलते यह दोनों ही बच्चे अपनी मां से बिछड़ कर जंगल से गांव में आ गए थे, जहां इसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर इन्हें रेस्क्यू किया गया। चिड़ियाघर प्रबंधन दोनों शावकों की अच्छे से देखभाल कर रहा है। इस दौरान दोनों ही बच्चों को ड्रॉपर से दूध पिलाया जा रहा है, तो वहीं समय-समय पर उनकी जांच भी की जा रही है।












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