Indore में 'रावण का मंदिर', जहां दशहरे पर होता है दशानन का पूजन, बेहद खास है परंपरा
Vijayadashami 2024 का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जहां इस दिन देशभर में रावण दहन किया जा रहा है, एक ओर देशभर में रावण दहन किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दशानन यानी रावन के पूजन का सिलसिला जारी है, जहां एकमात्र रावण के इस मंदिर में विजयदशमी पर दशानन की पूजा- अर्चना की जाती है।
विजयादशमी के दिन दशानन के मंदिर पर विभिन्न तरह के धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जहां सुबह मंदिर पर हवन और पूजन किया जाता है, तो वहीं शाम को महाप्रसाद वितरित किया जाता है। विजयदशमी पर रावण के मंदिर में दूर-दराज से लोग दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं।

लंकेश्वर महादेव मंदिर के नाम से स्थापित मंदिर में दशानन की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है, जहां शेषनाग से घिरे हुए रावण की यह प्रतिमा एकमात्र ऐसी प्रतिमा है जो यहां स्थापित है। लंकेश्वर महादेव मंदिर की सेवा का कार्य गौहर परिवार करता है, जहां गौहर परिवार के सदस्यों का मानना है कि, रावण यानी दशानन की पूजन-अर्चन से सुख समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है।

मंदिर की पूजा-अर्चना करने वाले मुकेश गौहर ने बताया कि, 1965 में वह अपने मामा के यहां शादी समारोह में गए थे, जहां शादी समारोह के बाद दूल्हा-दुल्हन के द्वारा रावण के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद उनके मन में मंदिर स्थापित करने का भाव आया।

मुकेश गौहर बताते हैं कि, रावण यानी दशानन की प्रतिमा 2010 के दसवें महीने में 10 बजकर 10 मिनट और 10 सेकंड पर मंदिर में स्थापित की गई है। मंदिर में रोजाना सुबह रावण की विशेष पूजा होती है, जहां विजयदशमी पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। गौहर बताते हैं कि, उनका पूरा परिवार मंदिर की सेवा का काम करता है, जहां दूर-दराज से लोग मंदिर में पूजन-अर्चन के लिए पहुंचते हैं।
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