सावधान! MP में अब लंपी वायरस की टेंशन, जानिए आखिर क्यों खतरनाक है ये बीमारी?
रतलाम, 5 अगस्त: देशभर में इन दिनों मंकीपॉक्स को लेकर दहशत का माहौल है, तो वहीं इसी के साथ राजस्थान में लंपी वायरस मुश्किल बड़ा रहा है। लंपी वायरस की टेंशन अब मध्यप्रदेश में भी बढ़ने लगी है, जहां प्रदेश के रतलाम जिले में लगभग एक दर्जन से ज्यादा गायों में लंपी वायरस के लक्षण होने की संभावना है। लंपी वायरस बेहद ही खतरनाक वायरस है। रतलाम जिले की जिन गायों में लंपी वायरस के लक्षण होने की संभावना है, उन गायों के शरीर पर छोटी-छोटी गठाने और घाव बन गए हैं। वहीं अब सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।

पशुओं का इलाज कराने की सलाह
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में जैसे ही गायों में लंपी वायरस के लक्षण होने की बात सामने आई, वैसे ही मानो हड़कंप मच गया, जहां इस पूरे मामले की सूचना विभाग को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची विभाग की टीम ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ वायरस के लक्षण वाली गायों के सैंपल लिए हैं। इसी के साथ अधिकारियों ने इन पशुओं को आइसोलेट करने और इनका इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं अब लंपी वायरस के चलते पशुपालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

जानिए क्या है लंपी वायरस?
राजस्थान और अब मध्यप्रदेश में दहशत फैलाने वाला लंपी वायरस मुख्य रूप से पशुओं में होने वाली एक बीमारी है, जिसमें पशुओं को बुखार आना, लार निकलना, शरीर में गठान, घाव और आंख-नाक से खून निकलना जैसे लक्षण शामिल है। यह बीमारी मुख्य रूप से पशुओं में फैलती है। यही कारण है कि, इस बीमारी ने अब पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। उधर, इस बीमारी के फैलने का मुख्य कारण मच्छर और मक्खियों को बताया जा रहा है, जहां मच्छर और मक्खी एक पशु से दूसरे पशु पर जा कर बैठते हैं, और इससे यह संक्रमण फैलता है।

इसलिए खतरनाक है लंपी वायरस
लंबी वायरस मुख्य रूप से पशुओं में होने वाली एक बीमारी है इन दिनों भारत देश में भी यह वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है जहां राजस्थान राज्य में मचे हड़कंप के बाद अब इस वायरस ने मध्यप्रदेश में टेंशन बढ़ा दी है यह वायरस इसलिए भी बेहद खतरनाक है क्योंकि पशुओं के संक्रमित होने के लगभग 6 से 7 दिन बाद इस वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं और तब तक संक्रमित पशु के संपर्क में आने से अन्य पशु भी संक्रमित हो जाते हैं यही कारण है कि लंपी वायरस को लेकर अब सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इन उपायों से हो सकता है बचाव
लंपी वायरस से यदि बचाव की बात करें तो इसमें मुख्य रूप से पशुओं को बीमार पशुओं के संपर्क में आने से रोकना होगा। इसी के साथ सार्वजनिक जगहों पर पशुओं को चढ़ाने या नहलाने से इस बीमारी के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही लक्षणों का पता चलने पर तुरंत चिकित्सकों से पशुओं का इलाज कराया जाए, जिससे इस बीमारी से बचा जा सकता है।












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