Success story : पुरानी कार को बनाया कियोस्क सेंटर, अब गांव-गांव जाकर आयुष्मान कार्ड बना रहे केशव

कहते हैं मंजिले उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि, मारुति-800 में कोई कियोस्क सेंटर भी संचालित कर सकता है। जानकर हैरानी होगी कि, गोगांवा जनपद में शाहपुरा पंचायत के जीआरएस केशव आलीवाल ने ऐसा सोचा भी और उसको पूरा भी कर दिखाया। केशव ने इसमें दो डेस्कटॉप, एक-एक प्रिंटर और लेमिनेशन मशीन के साथ लाउडस्पीकर भी इंस्टाल किया है। इसके अलावा एक लेपटॉप के लिए भी जगह सुनिश्चित की है।

पुरानी कार को बनाया कियोस्क सेंटर

पुरानी कार को बनाया कियोस्क सेंटर

केशव ने बताया कि, उनकी पत्नी जो संस्कृत में स्नातकोत्तर है और उनको 2017 में कियोस्क सेंटर की मान्यता मिल गई थी। वो जनपद पंचायत परिसर में ही सेंटर चला रही है। केशव के पास पुरानी मारुति थी जिसे बेंचने का मन बना लिया था। लेकिन दाम कम मिलन से विचार त्याग दिया। इसके बाद उन्होंने मोडिफाई कर कियोस्क सेंटर बनाने का विचार किया। जिस समय आयुष्मान कार्ड व अन्य योजनाओं में समग्र आईडी, आधार कार्ड आदि की जरूरत होने लगी। तब लोगों को सुविधाएं देने के लिए चलित सेंटर बनाने का निर्णय किया।

सचिव और जीआरएस सहायता के लिए बुलाते हैं

सचिव और जीआरएस सहायता के लिए बुलाते हैं

केशव ने बताया कि, उन्होंने अब तक गोगांवा जनपद के दर्जनों पंचायतों में जाकर 4500 से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाये हैं। यह सेवा वो शाम 5 से 6 बजे के बाद से प्रारम्भ कर देते हैं। उनके पास अन्य पंचायतों के सचिव और जीआरएस सहायता के लिए संपर्क करते हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने का काम बिल्कुल निशुल्क करते हैं लेकिन किसी को प्रिंट लेनी है तो न्यूनतम शुल्क लेते हैं। केशव के चलित कियोस्क सेंटर में दो डेस्कटॉप के अलावा एक लेपटॉप के लिए भी स्थान दिया है। जब भी किसी सचिव या जीआरएस द्वारा सहायता ली जाती है तो वो और अपने दोस्त महेश वर्मा व माजिद शाह के साथ गांव जाकर सहायता कर देते हैं। न सिर्फ पंचायतों में बल्कि नगरीय क्षेत्र में भी चलित कियोस्क सेंटर से आयुष्मान कार्ड बनाने का काम करते हैं। शाहपुरा के जीआरएस होने से उन्होंने सबसे पहले अपनी पंचायत को प्राथमिकता दी। यहाँ उनके द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक कार्ड बनाएँ हैं।

हर घंटे में रिपोर्ट मांगी जा रही है

हर घंटे में रिपोर्ट मांगी जा रही है

जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए हर सचिव व जीआरएस को लक्ष्य दिया गया है। यहाँ जिला पंचायत सीईओ ज्योति शर्मा प्रत्येक जनपद सीईओ से सुबह 9 बजे से 9 बजे रात तक प्रति 2-2 घंटे में मॉनिटरिंग कर रही है। जिले में 10 नवंबर तक 1041548 कार्ड बन चुक हैं। जिले में कुल 1407171 कार्ड बनाने का लक्ष्य हैं।

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