Raksha bandhan 2023 पर भद्रा का साया, किस मुहूर्त में राखी बांधना रहेगा सर्वश्रेष्ठ, जानिए?
रक्षाबंधन का पर्व नजदीक है, और ऐसे में रक्षाबंधन की तैयारी देश भर में हर्षोल्लास से की जा रही है। वहीं अबकी बार रक्षाबंधन के त्योहार पर भद्रा का साया नजर आ रहा है, जहां रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा होने के चलते असमंजस नजर आ रहा है। ऐसे में अब देशभर के अलग-अलग हिस्सों से ज्योतिषाचार्य रक्षाबंधन पर्व को लेकर अपने-अपने मत देते नजर आ रहे हैं।
प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर में आचार्य संतोष भार्गव ने रक्षाबंधन पर भद्रा के साए को लेकर कहा कि, रक्षाबंधन के दिन यानी 30 अगस्त को सुबह 10 बजकर 59 मिनट से भद्रा लगेगी जो रात्रि 9 बजकर 02 मिनट पर खत्म होगी। 30 अगस्त को रात्रि 9 बजकर 02 मिनट के बाद देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा।

इस मुहूर्त में बांधे रक्षा सूत्र
आचार्य संतोष भार्गव ने बताया की, रक्षाबंधन का पर्व श्रावण की शुक्ल पक्ष को ही मनाया जाना शुभ माना जाता है। इस बार जो पूर्णिमा तिथि है, वह 30 अगस्त 2023 को 10 बजकर 59 मिनट से प्रारंभ हो रही है, जो की 31 अगस्त को प्रातः 7 बजकर 06 पर पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी। शास्त्र कहते हैं कि, रक्षाबंधन का पर्व भद्रा में नहीं बनना चाहिए। 30 अगस्त को जब 10 बजकर 59 मिनट से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है, इस समय से भद्रा का साया भी रहेगा। भद्रा में राखी बनाना शुभ नहीं माना जाता। यदि बहने रक्षाबंधन का पर्व मनाते हुए भद्रा काल में भाई को राखी बांधती है तो भाई का नाश होने की संभावना रहती है, इसलिए भाई की सुख और समृद्धि के लिए बहने भद्रा से निवृत होने के बाद 30 अगस्त की रात्रि 9 बजकर 02 मिनट से रक्षा सूत्र बांध सकती हैं।
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रक्षाबंधन पर्व को लेकर ऐसी हैं मान्यताएं
रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के बीच प्रेम का प्रतीक माना जाता है, जहां सावन माह में आने वाले इस त्योहार पर बहने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है, जहां भाई अपनी बहन को रक्षा का वचन देते हैं। भाई और बहन के प्रेम के प्रतीक इस पर्व को लेकर तैयारियां का सिलसिला भी जारी है, जहां प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में राखी के बाजार सज चुके हैं, तो वहीं रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में हलचल भी देखने मिल रही है। वहीं अबकी बार रक्षाबंधन के त्योहार पर भद्रा का साया होने के चलते रात्रि 9 बजकर 02 के बाद से बहने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकेंगी।
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