Nag Panchami: इंदौर में 200 साल पुराना नागेश्वर मंदिर, जहां भक्तों को रोजाना होते हैं नाग-नागिन के दर्शन
Nag Panchami का पर्व देशभर में भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है, जहां देश के अलग-अलग मंदिरों में नाग देवता का पूजन अर्चन किया जा रहा है। देशभर में नाग देवता के कई अलग-अलग मंदिर स्थापित हैं, जो बेहद प्राचीन है, और अपने आप में कई रहस्य सिमटे हुए हैं।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी नाग देवता का इसी तरह का मंदिर स्थापित है, जहां 150 से 200 साल पुराने नाग मंदिर में भक्तों को रोजाना नाग-नागिन का जोड़ा किसी न किसी रूप में दर्शन देता है। इस मंदिर में नाग पंचमी पर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होते हैं।

इंदौर के पिपलियाहाना क्षेत्र में स्थित नाग मंदिर इंदौर के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जहां भगवान नाग देवता विराजमान हैं। इस मंदिर से जुड़ी कई अलग-अलग तरह की मान्यताएं हैं, जहां मंदिर में प्रतिदिन दर्शन के लिए आने वाले लोग बताते हैं कि, अंग्रेजों ने इस मंदिर को तोड़ने की कोशिश की थी। वहीं जिस वक्त यह प्रयास किया गया था, उस वक्त सैकड़ो नाग-नागिन का जोड़ा वहां आ गया, जिसके चलते अंग्रेज मंदिर को छोड़कर भाग खड़े हुए, तब से ही नाग देवता का मंदिर वहां विराजमान है, जहां प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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मंदिर के पुजारी श्याम शर्मा बताते हैं कि, यह नागेश्वर मंदिर 150 से 200 साल का इतिहास हम अपने बुजुर्गों से सुनते आ रहे हैं। यह ब्रिटिश गवर्नमेंट के पहले का मंदिर है। इस समय से यहां पर पूजा अर्चन किया जाता है। नाग नागिन साक्षात रूप में यहां भक्तों को दर्शन देते हैं। यहां पर प्रात: काल से ही दुग्ध धारा से भगवान का अभिषेक किया जाता है, अनेक भक्तजन यहां पर आकर इस पूजन का लाभ लेते हैं। पुजारी श्याम शर्मा बताते हैं कि, प्रतिदिन यहां किसी न किसी भक्त को नाग-नागिन का जोड़ा दर्शन देता है। पंडित श्याम शर्मा बताते हैं कि, नौ नाग रहते हैं, इनका पूजन हमारे सनातन समाज में किया जाता है। पंचमी के दिन इनका पूजन करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।
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