Indore MP News: हनीट्रैप, जानिए कैसे 61 साल के बुजुर्ग से 30 साल की महिला ने वीडियो बनाकर लूटे 24 लाख रुपये
MP News Indore: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला हनीट्रैप मामला सामने आया है, जिसने शहरभर में सनसनी फैला दी है। इस मामले में एक 30 वर्षीय महिला ने एक 61 वर्षीय बुजुर्ग को अपने प्रेमजाल में फंसाकर 24 लाख रुपये ठग लिए। महिला ने बुजुर्ग के साथ अंतरंग क्षणों की वीडियो रिकॉर्डिंग की और इन्हें वायरल करने की धमकी देकर दो वर्षों तक पैसे ऐंठती रही।
यह मामला इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित मदन सिंह द्वारा 22 मई को दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के बैंक खातों को सील कर दिए गए हैं और 19 लाख रुपये की राशि पर पुलिस ने होल्ड लगा दिया है।

प्रेमजाल, होटल और ब्लैकमेल का खेल
पीड़ित मदन सिंह, जो बिछौली मर्दाना गांव के निवासी हैं, पेशे से एक किराना व्यवसायी हैं। उनकी दुकान विनीत जैन नामक व्यक्ति किराए पर चला रहा था, और उसी दुकान में आरोपी महिला कुछ समय तक काम कर चुकी थी। काम के दौरान महिला ने बुजुर्ग से मेलजोल बढ़ाया और धीरे-धीरे उन्हें विश्वास में ले लिया।
दिसंबर 2023 में महिला ने मदन सिंह को उज्जैन घूमने का प्रस्ताव दिया और उन्हें अपनी बातों में फंसाकर उज्जैन के एक होटल ले गई। होटल में रहने के दौरान महिला ने गुप्त रूप से मदन सिंह के साथ अंतरंग पलों की तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेल का सिलसिला।
पूरा मामले का विस्तार
पीड़ित, मदन सिंह, उम्र 61 वर्ष, इंदौर के बिछौली मर्दाना गांव के निवासी हैं। उनके पास एक किराने की दुकान है, जिसे विनीत जैन नामक व्यक्ति किराए पर चलाता है। इस दुकान पर आरोपी महिला कर्मचारी के रूप में काम करती थी। पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2023 में महिला ने मदन सिंह को विश्वास में लिया और उन्हें उज्जैन घूमने के लिए राजी किया। दोनों मदन सिंह की कार से उज्जैन पहुंचे और एक होटल में रुके। वहां, महिला ने चोरी-छिपे अश्लील तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए।
इसके बाद, महिला ने इन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर मदन सिंह को ब्लैकमेल करना शुरू किया। डर के मारे, मदन सिंह ने पिछले दो वर्षों में महिला को कुल 24 लाख रुपये दिए। बार-बार की धमकियों से तंग आकर, madan सिंह ने 22 मई 2025 को कनाड़िया थाने में शिकायत दर्ज की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया।
MP Honeytrap case: पुलिस की कार्रवाई
कनाड़िया थाना प्रभारी साहरष यादव ने बताया कि जांच में madan सिंह के सभी दावों की पुष्टि हुई। महिला ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके बैंक खातों को सील कर 19 लाख रुपये पर होल्ड लगा दिया है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी महिला ने पहले भी कनाड़िया थाने में एक युवक के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में कोर्ट में अपनी गवाही से मुकर गई थी। यह खुलासा संदेह पैदा करता है कि महिला पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रही होगी।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या महिला ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ब्लैकमेल किया है। पुलिस ने महिला के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया है, और उनकी जांच की जा रही है।
MP Honeytrap case: हनीट्रैप का बढ़ता खतरा
यह मामला इंदौर में हनीट्रैप की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है। हाल के वर्षों में, इंदौर और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में हनीट्रैप रैकेट के कई मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए:
- 2019 में इंदौर हनीट्रैप कांड: पांच महिलाओं और एक पुरुष की गिरफ्तारी हुई थी, जिन्होंने नेताओं और नौकरशाहों को ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये और ठेके हासिल किए थे। इस मामले में इंदौर नगर निगम के निलंबित इंजीनियर हरभजन सिंह ने शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद आरती दयाल और मोनिका यादव सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया था।
- 2021 में बमनिया गांव मामला: एक नाबालिग लड़के ने अपनी प्रेमिका के अश्लील वीडियो बनाकर 16 लाख रुपये ऐंठे थे। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया था।
- 2023 में होटल मालिक ब्लैकमेलिंग: एक नकली डीएसपी ने होटल मालिक को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर 30 लाख रुपये ऐंठे थे।
ये मामले दर्शाते हैं कि हनीट्रैप अपराधी अक्सर विश्वास का फायदा उठाकर लोगों को फंसाते हैं और फिर डिजिटल तकनीक का उपयोग कर ब्लैकमेल करते हैं।
पीड़ित की आपबीती
मदन सिंह ने पुलिस को बताया, "मैंने उस महिला पर भरोसा किया, लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। उसने मेरे साथ होटल में समय बिताया और चुपके से वीडियो बना लिया। इसके बाद, वह मुझे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने लगी। मैंने डर के मारे 24 लाख रुपये दे दिए, लेकिन उसकी मांगें खत्म नहीं हुईं। आखिरकार, मुझे पुलिस के पास जाना पड़ा।" madan सिंह की हिम्मत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले को सुलझाने में मदद की।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में आरोपी महिला को IPC की धारा 384 (उगाही), 506 (आपराधिक धमकी), और IT एक्ट की धाराओं के तहत सजा हो सकती है। सजा में सात साल तक की कैद और जुर्माना शामिल हो सकता है। इसके अलावा, अगर जांच में अन्य पीड़ितों का खुलासा होता है, तो मामला और गंभीर हो सकता है।
पुलिस और प्रशासन की सलाह
इंदौर पुलिस ने इस मामले के बाद लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। थाना प्रभारी साहरष यादव ने कहा, "लोगों को अजनबियों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई ब्लैकमेल करता है, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।" पुलिस ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- डिजिटल सावधानी: सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
- होटल में सतर्कता: होटल में रुकते समय कमरे की गोपनीयता की जांच करें।
- शिकायत दर्ज करें: ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें।
- जागरूकता: परिवार और दोस्तों के साथ ऐसे मामलों पर खुलकर बात करें ताकि समय रहते मदद मिल सके।
- भविष्य की दिशा
इस मामले ने डिजिटल युग में निजता और सुरक्षा के मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है। इंदौर पुलिस ने हनीट्रैप रैकेट पर नकेल कसने के लिए विशेष जांच दल गठित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, साइबर क्राइम सेल को और मजबूत करने और जागरूकता अभियान चलाने की बात कही जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के खिलाफ कड़े कानूनों को लागू करने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।












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