Indore News: जानिए कैसे AI आधारित CCTV से होगी SDM व तहसीलदार कोर्ट की निगरानी, कलेक्टर सिंह का ऐतिहासिक फैसला
MP News: मध्य प्रदेश के सबसे सक्रिय जिलों में शुमार इंदौर एक बार फिर प्रशासनिक नवाचार का गवाह बनने जा रहा है। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी के नए मानक स्थापित करेगा।
जिले के SDM और तहसीलदार कोर्ट में अब AI आधारित CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी लाइव फीड खुद कलेक्टर कार्यालय से मॉनिटर की जाएगी।

इस निर्णय को राज्य के प्रशासनिक इतिहास में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। संभवतः यह पहली बार है जब किसी जिले में राजस्व न्यायालयों पर इस स्तर की निगरानी लागू की जा रही है।
ऐतिहासिक निर्णय, AI आधारित CCTV की खासियत
इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह ने राजस्व न्यायालयों में हाई-टेक CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से लैस होंगे। ये कैमरे निम्नलिखित विशेषताओं के साथ कार्य करेंगे:
- स्मार्ट एक्टिवेशन: कैमरे केवल सुनवाई के समय सक्रिय होंगे, जिससे अनावश्यक रिकॉर्डिंग से बचा जा सके।
- लाइव मॉनिटरिंग: लाइव फीड कलेक्टर के चैंबर में उपलब्ध होगी, जिससे अधिकारियों की उपस्थिति और सुनवाई की समयबद्धता पर नजर रखी जाएगी।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: AI तकनीक सुनवाई प्रक्रिया में अनियमितताओं को पहचानने में मदद करेगी, जैसे देरी, अनुपस्थिति, या गलत प्रक्रिया।
- डेटा स्टोरेज: रिकॉर्ड्स को 30 दिन तक सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे विवाद या शिकायत की स्थिति में जांच की जा सके।
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, "यह कदम SDM और तहसीलदार कोर्ट में पारदर्शिता लाने और जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए है। AI आधारित CCTV से हम सुनिश्चित करेंगे कि सुनवाइयां समय पर हों और फैसले बिना देरी के दिए जाएं।"
भ्रष्टाचार और जनशिकायत
हाल के महीनों में इंदौर के राजस्व न्यायालयों में भ्रष्टाचार, सुनवाई में देरी, और अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ी थीं। 2024 में SDM कोर्ट में एक जमीन विवाद के मामले में रिश्वतखोरी का आरोप लगा था, जिसके बाद कलेक्टर ने सख्ती बरती। इसके अलावा, तहसीलदार कोर्ट में नामांतरण और बंटवारा जैसे मामलों में लंबित फाइलों की संख्या बढ़ने से जनता में असंतोष था।
SDM कोर्ट में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद कलेक्टर आशीष सिंह का मास्टरस्ट्रोक। AI CCTV से अब हर सुनवाई पर नजर।" कलेक्टर ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए AI आधारित निगरानी को लागू करने का फैसला किया, ताकि न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
Monitoring of SDM and Tehsildar: पहले भी AI CCTV का सफल उपयोग
कलेक्टर आशीष सिंह ने इससे पहले इंदौर के बार और पब में देर रात गतिविधियों पर नजर रखने के लिए AI आधारित CCTV कैमरे लगवाए थे। इन कैमरों की लाइव फीड आबकारी नियंत्रण कक्ष में भेजी जाती थी, जिसके परिणामस्वरूप:
- बार-पब तय समय पर बंद होने लगे।
- देर रात अवैध गतिविधियां नियंत्रित हुईं।
- आबकारी विभाग की कार्यक्षमता बढ़ी।
- सिंह ने इस मॉडल की सफलता को देखते हुए राजस्व न्यायालयों में भी AI CCTV लागू करने का निर्णय लिया।
कैसे करेगा काम
- स्थापना: इंदौर जिले के 10 उप-मंडल (SDM कोर्ट) और तहसीलदार कोर्ट में AI CCTV लगाए जाएंगे।
- समयसीमा: 30 जून 2025 तक सभी सुनवाई कक्षों में कैमरे चालू होंगे।
- मॉनिटरिंग: कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी लाइव फीड देखेंगे। AI सॉफ्टवेयर अनियमितताओं की स्वचालित रिपोर्ट बनाएगा।
- तकनीकी सहयोग: इंदौर स्मार्ट सिटी और स्थानीय CCTV सप्लायर्स से सहयोग लिया जाएगा।
- बजट: प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 50 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसे जिला प्रशासन और स्मार्ट सिटी फंड से वहन किया जाएगा।
- जिला कलेक्ट्रेट के एक अधिकारी ने बताया, "AI कैमरे हिकविजन या समकक्ष ब्रांड के होंगे, जो हाई-रेजोल्यूशन और स्मार्ट एनालिटिक्स प्रदान करेंगे।"
प्रभाव और अपेक्षाएं
- पारदर्शिता: सुनवाई प्रक्रिया में रिश्वतखोरी और देरी पर अंकुश लगेगा।
- जवाबदेही: SDM और तहसीलदार की उपस्थिति और कार्यक्षमता पर नजर रहेगी।
- जनता का विश्वास: नामांतरण, बंटवारा, और जमीन विवाद जैसे मामलों में त्वरित न्याय से जनता का भरोसा बढ़ेगा।
- प्रदेश में मिसाल: इंदौर का मॉडल अन्य जिलों, जैसे भोपाल, ग्वालियर, और जबलपुर, के लिए प्रेरणा बन सकता है।












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