Swachh Survekshan 2021 : सबसे स्वच्छ सिटी इंदौर अब Water Plus में नंबर वन, जानें कैसे पाई यह उपलब्धि
इंदौर, 12 अगस्त। आबादी के लिहाज से मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई। देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा इंदौर को पहले से ही मिला हुआ है अब इसे वाटर प्लस सिटी का भी गौरव हासिल हुआ है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत इंदौर को भारत का पहला वाटर प्लस शहर घोषित किया गया है।

इंदौर ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में मारी बाजी
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर को वाटर प्लस सिटी घोषित किए जाने पर कहा कि प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने अन्य शहरों के लिए मिसाल पेश की है। सीएम चौहान ने इंदौर के लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के तहत देश का पहला एसबीएम (स्वच्छ भारत मिशन) वाटर प्लस शहर बनने के लिए बधाई भी दी।

पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व की बात
इंदौर ने पूरे देश के सामने स्वच्छता व काम के प्रति समर्पण में उदाहरण पेश किया गया है। पूरे मध्य प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है। बता दें कि देश के शहर-कस्बों में साफ-सफाई को लेकर हर साल स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण होता है, जिससे इंदौर सर्वाधिक बार अव्वल रहने वाले शहरों में से एक है।

इंदौर प्रशासन की मेहनत लाई रंग
वाटर प्लस सिटी बनने पर इंदौर जिला कलेक्टर मनीष सिंह कहते हैं कि शहर को यह तमगा दिलाने के लिए इंदौर नगर निगम ने छोटे-बड़े 25 नालों का निर्माण करवाने के साथ ही एक हजार 746 सार्वजनिक व पांच हजार 624 घरेलू सीवर आउटफॉल को टैप किया था। आईएमसी ने शहर की कान्ह और सरस्वती नदियों को भी सीवर लाइन से मुक्त कराया।
इंदौर के तालाब, कुओं को भी संवारा
इंदौर नगर आयुक्त प्रतिभा पाल कहती हैं कि सात सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए हैं। उनसे 110 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) साफ कर उस पानी का उपयोग किया जा रहा है। प्रतिभा पाल कहती हैं कि वाटर प्लस प्रोटोकोल के तहत इंदौर शहर में 147 विशेष प्रकार के मूत्रालय बनाए गए। साथ ही तालाबों, कुओं और सभी जलाशयों की सफाई का काम भी किया गया है।












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