MP: दिव्यांग दृष्टिहीन बुजुर्ग ने ब्रेल लिपि में मुख्य सचिव को लिखा पत्र, जानिए क्या है पूरा मामला
इंदौर, 29 अगस्त: ऐसा कहा जाता है कि व्यक्ति को अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए जज्बे की आवश्यकता होती है। वहीं ऐसा ही जज्बा मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के दिव्यांग (दृष्टिहीन) बुजुर्ग में देखने मिल रहा है, जिन्होंने मध्य प्रदेश के विकलांग आयुक्त के पद पर योग्य होने के बावजूद नियुक्ति नहीं होने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है, जहां इसके लिए उन्होंने ब्रेल लिपि में एक पत्र मुख्य सचिव को लिखा है। इसमें बुजुर्ग ने चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया है। बुजुर्ग सरकारी स्कूल में टीचर थे, जहां वे अब से 1 साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं।

कुछ ऐसा है पूरा मामला
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के रहने वाले आधार सिंह चौहान सरकारी स्कूल में टीचर थे, जहां अब से ठीक 1 साल पहले वे सेवानिवृत्त हुए हैं। हाल ही में शासन की ओर से सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग के अंतर्गत निशक्तजन आयुक्त के लिए नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया था, जहां इस विज्ञापन को देखने के बाद दिव्यांग बुजुर्ग ने चयन प्रक्रिया में शामिल होते हुए अपना आवेदन जमा कराया था, लेकिन बुजुर्ग का नाम चयन की अंतिम सूची में होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। इतना ही नहीं इसके विपरीत जाकर अन्य व्यक्ति को नियुक्ति दे दी गई। वहीं अब बुजुर्ग ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए ब्रेल लिपि में मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
बिना वेतन काम के लिए तैयार थे बुजुर्ग
दिव्यांग दृष्टिहीन बुजुर्ग आधार सिंह चौहान शहर की स्कीम नंबर 54 कॉलोनी में रहते हैं, जहां उनकी पत्नी और वह दोनों ही दिव्यांग हैं, और दृष्टिबाधित हैं। बुजुर्ग सरकारी स्कूल में टीचर थे, जहां पिछले साल ही वह रिटायर हुए हैं। वहीं बुजुर्ग इस पद पर काम करने के लिए अवैतिक यानी बिना वेतन के तैयार थे, लेकिन बावजूद इसके नियमों के विपरीत जाकर किसी अन्य वर्ग के व्यक्ति को नियुक्ति दे दी गई, जहां इस पूरी प्रक्रिया से नाराज होकर दिव्यांग बुजुर्ग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है, और अपनी नाराजगी व्यक्त की है। वहीं अब विभाग की ओर से इस पूरे मामले को लेकर क्या कुछ एक्शन लिया जाता है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।












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