MP में फिल्म इंडस्ट्री के विस्तार पर हुआ मंथन, वेब स्टोरी और टीवी शो बनाने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी, जानिए?
प्रदेश में फिल्म मेकिंग को फिल्मकारों के लिए आसान बनाने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। फिल्म शूटिंग परमिशन को लोक सेवा गारंटी एक्ट अंतर्गत मात्र 15 दिन में प्रदाय करने के साथ इमरजेंसी में ऑफलाइन परमिशन भी जारी किए जाने की सुविधा है। फॉरेन प्रोडक्शन हाउस भी इतनी ही आसानी के साथ सीधे मध्यप्रदेश आकर फिल्म की शूटिंग कर सकता है। यह बात गत दिवस प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने होटल ताज में फिल्म विशेषज्ञों से कही।
प्रदेश में शूटिंग, अधो-संरचना विकास में निवेश एवं स्थानीय कलाकारों की भागीदारी के अवसरों को तलाशने के लिए प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधि, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और एक्टर्स का दल भोपाल आया हुआ है।

एमपी में सब्सिडी दी जाती है
पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि, मध्यप्रदेश में फिल्म मेंकिंग को सुगम और सफल बनाने के लिए फिल्म फैसिलिटेशन सेल अनेक प्रयास करता है। यह सभी फिल्मकारों को प्रदेश के लोकल लाइन प्रोड्यूसर्स और एक्टर्स से जोड़ती है। बड़ी अवधि में फिल्म निर्माण करने के लिए प्रोडक्शन हाउस से एमओयू भी किए जा सकते हैं, जिससे एक से अधिक फिल्मों के लिए फिल्मांकन की सुविधा और सब्सिडी आसानी से दी जा सके। अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के लिए तो 1.3 मिलियन अमेरिकन डॉलर तक की सब्सिडी भी दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही फिल्म इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थापित करने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है।
प्रेंजेटेशन के जरिए दी गई जानकारी
म.प्र. पर्यटन बोर्ड के उप संचालक (फिल्म) युवराज पडोले ने प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश की फिल्म टूरिज्म पॉलिसी और प्रदेश की उपलब्धियों एवं नवाचार को प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया। बताया गया कि मध्यप्रदेश में रॉक आर्ट, टेक्सटाईल, फूड, ग्रामीण पर्यटन अनुभव आदि जैसे कई पर्यटन उत्पाद हैं। कुछ फिल्म निर्माताओं ने मप्र की आकर्षक फिल्म पर्यटन नीति का लाभ उठाया है। यह भी उल्लेख किया गया कि 4 नई फिल्म परियोजनाएँ प्रदेश में निर्माणाधीन है।
विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक सब्सिडी दी जाती है
प्रदेश में फिल्मांकन को बढ़ावा देने के लिए फिल्म मेकर को विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक सब्सिडी दी जाती है। फीचर फिल्म्स के लिए दो करोड़ रूपये तक, वेब सीरीज और टीवी शो के लिए एक करोड़ तक, डॉक्यूमेंट्री के लिए 40 लाख रूपये तक सब्सिडी दी जाती है। अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के लिए तो 10 करोड़ तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा फिल्म आधारित अधो-संरचना विकास के लिए 90 करोड़ रूपये तक और सिनेमा हॉल बनवाने के लिए एक करोड़ तक की सब्सिडी दी जाती है। साथ ही स्थानीय आर्टिस्ट को काम देने पर 35 लाख तक, राज्य को प्रमुखता से दिखाने के लिए 50 लाख तक अतिरिक्त सब्सिडी और राज्य स्वामित्व के होटल और रिसॉर्ट का उपयोग करने पर रूम टैरिफ पर 40 प्रतिशत की छूट दी जाती है।
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