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Success story : MP के किसान बने बिजनेसमैन, Social networking के जरिए बने मालामाल

मध्यप्रदेश के किसान अब सोशल नेटवर्किंग का सहारा लेकर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं, जहां किसान अब निरंतर आगे बढ़ते हुए सफलता हासिल कर रहे हैं.

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मध्य प्रदेश के किसान अब बिजनेसमैन बनने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। जी हां, किसानों को बिजनेसमैन बनाने के लिए सोशल नेटवर्किंग बड़ा ही खास काम कर रही है, जहां किसान सोशल नेटवर्किंग के सहारे अपनी फसल भेज देते हैं तो वहीं फसल से अलग-अलग तरह के उत्पाद बनाकर बेचने का काम भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं सोशल नेटवर्किंग का फायदा कुछ इस तरह है कि, किसानों की फसल चंद सेकंड में बिक जाती है तो वहीं किसानों को उनकी मेहनत के मुताबिक मुनाफा भी मिल जाता है। मध्य प्रदेश के एक ऐसे ही किसान ने अपनी गन्ने की फसल से गुड़ का निर्माण कर सोशल नेटवर्किंग के जरिए उसे अलग-अलग राज्यों में बेचा है।

सोशल नेटवर्किंग की खास भूमिका

सोशल नेटवर्किंग की खास भूमिका

सोशल मीडिया के आने के बाद से कई किसानों ने इसको एक अवसर के समान उपयोग कर अपने व्यवसाय को बढ़ाया है। महेश्वर में बड़वी के किसान भगवान राव पिछले 7 वर्षों से अपने 4 एकड़ खेत पर प्राकृतिक खेती कर रहे है। इस खेती को अपना कर वे अपने आप मे बहुत संतुष्ठ भी है, और खुश भी है। इसका एक कारण ये भी है उनसे गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित मप्र के कई शहरों के उपभोक्ता सोशल नेटवर्किंग से जुड़े है। इससे उनकी फसल आते ही बिक जाती है। 6 बीघा खेत मे उन्होंने ऐसा प्रबंधन किया, जिससे वे कई तरह के अनाज और दालों के अलावा सब्जी और फल वाली फसलें भी कर लेते है। इनके प्रबंधन का उत्कृष्ठ उदाहरण यह भी है कि वे हर समय उनके खेत में हरियाली रहती है। कुछ वर्षों से वे गन्ने की खेती को भी प्राथमिकता दे रहें है। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि वे स्वयं गुड़ भी बनाते है।

गुड़ की बर्फी के कई फ्लेवर बनाने में सफल हुए

गुड़ की बर्फी के कई फ्लेवर बनाने में सफल हुए

किसान भगवान राव ने अपनी रचनात्मक्ता का सफल प्रयोग गुड़ की बर्फी के साथ किया है। वे इलाइची, सोंठ और तीन के फ्लेवर में 20 से 30 ग्राम में बर्फी बना रहे है। गन्ने से वे 18 से 20 क्विंटल गुड़ बना रहे है। जिसकी मांग जयपुर, अहमदाबाद सहित महाराष्ट्र के कई स्थानों पर अपने मुनाफे के साथ भेज रहे है। बता दें कि, मध्य प्रदेश में गन्ने की फसल अत्यधिक होती है, यही कारण है कि गन्ने की फसल को किसान या तो शक्कर कारखानों में बेच देता है, या फिर उनका गुड़ बनाकर बेचने का काम करता है। वहीं किसानों ने गन्ना बेचने के अलावा गुड़ बनाकर बेचने का काम भी शुरू किया है, जिससे उन्हें बड़ा फायदा हो रहा है।

प्रदेश में किसानों के लिए चल रही योजनाएं

प्रदेश में किसानों के लिए चल रही योजनाएं

मध्य प्रदेश में किसानों के विकास को लेकर अलग-अलग तरह की योजनाएं कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही है, जिन योजनाओं का सीधा फायदा किसानों तक पहुंच रहा है। यही कारण है कि, किसान अब सोशल नेटवर्किंग के जरिए भी अपनी फसल बेचकर लाखों का प्रॉफिट कमा रहे हैं। किसान अपनी फसल के जरिए अलग-अलग उत्पाद बनाकर बेचने में सक्षम नजर आ रहे हैं, जिसका सीधा फायदा किसानों को पहुंच रहा है। वहीं अब मध्य प्रदेश के किसान ने प्रदेश भर के सभी किसानों को उदाहरण दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी फसल को सोशल नेटवर्किंग के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में बेचा है।

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