Indore News: इंदौर में ब्लैक आउट के दौरान शहर थमेगा, ट्रैफिक पुलिस अलर्ट, हर वाहन को रोकने की तैयारी पूरी
MP Indore News: सोचिए, एक शहर जहां लाखों वाहन रोज़ चल रहे होते हैं - अचानक सब कुछ थम जाए। ट्रैफिक सिग्नल बंद, सड़कें वीरान, सिर्फ सन्नाटा और सुरक्षा का अभ्यास।
आज शाम इंदौर में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिलेगा। ब्लैक आउट मॉकड्रिल के तहत एक तय समय पर पूरा शहर मानो 'एक साँस' में ठहर जाएगा। और इसकी कमान संभालेगी ट्रैफिक पुलिस, जो अलर्ट मोड में है और चाक-चौबंद तैयारी के साथ मैदान में उतर चुकी है।

क्या है 'ब्लैक आउट' और क्यों जरूरी है?
ब्लैक आउट एक मॉकड्रिल है, जिसका उद्देश्य आपदा या युद्ध जैसी आपात स्थितियों में शहर की तैयारियों की जांच करना है। इस दौरान शहर की बिजली बंद होती है, सभी गतिविधियाँ रोकी जाती हैं, और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने के लिए प्रेरित किया जाता है।
इंदौर में यह अभ्यास आज शाम 7:30 से 7:42 बजे तक चलेगा। लेकिन इससे एक घंटा पहले, यानी 6:30 बजे से ही ट्रैफिक विभाग की सख्ती लागू हो जाएगी।
ट्रैफिक अलर्ट: "अब जहां हो, वहीं रुक जाओ"
ट्रैफिक विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, ब्लैक आउट के दौरान इंदौर की सड़कों पर कुछ इस तरह की तस्वीर होगी:
1. सभी ट्रैफिक सिग्नल रहेंगे बंद
शहर के सभी ट्रैफिक सिग्नल बंद कर दिए जाएंगे। न सिग्नल मिलेगा, न कोई हरी बत्ती दिखेगी। आदेश है कि जिस वाहन चालक का जहां वाहन रुके, वहीं रुक जाए - बिना कोई हलचल किए।
2. सड़कों पर ट्रकों से लेकर टू-व्हीलर तक - सबको थमना होगा
ट्रक, बस, बीआरटीएस, टू-व्हीलर, ऑटो, ई-रिक्शा-हर तरह के वाहन को वहीं रोक देना होगा जहाँ वे उस वक्त होंगे। हेडलाइट बंद करना अनिवार्य है। सड़क पर एक स्टिल फ्रेम जैसा दृश्य बनने वाला है।
3. शहर में आने वाले सभी प्रवेश मार्ग होंगे 'फ्रीज़'
शिप्रा टोल, राऊ सर्किल, जवाहर टेकरी (चंदन नगर), तेजाजीनगर, बरौली टोल, गांधी नगर जैसे मुख्य मार्गों पर ब्लैक आउट समय में वाहनों को वहीं रोक देना होगा। पुलिस की टीमें इन बिंदुओं पर पहले से तैनात रहेंगी।
4. अंडरपास एंट्री प्वाइंट्स भी रहेंगे सील की तरह
राऊ, कनाडिया, झलारिया, डीपीएस, मांगलिया जैसे शहर को जोड़ने वाले अंडरपास पर भी वाहन न चलने देने के निर्देश हैं। यहाँ से आने वाले वाहन भी वहीं रुकेंगे।
5. डिलीवरी बॉय भी लेंगे ब्रेक
स्विगी, ज़ोमैटो, ब्लिंकिट जैसी फूड डिलीवरी सर्विसेज भी इस दौरान पूरी तरह बंद रहेंगी। "पिज़्ज़ा देर से पहुंचे, लेकिन सुरक्षा समय पर हो" - शायद यही सोच रही है ट्रैफिक पुलिस।
6. ओला-उबर-रैपिडो को भी स्टार्ट से स्टॉप तक का आदेश
कैब और बाइक टैक्सी सेवा देने वाले ओला, उबर, रैपिडो जैसे वाहनों को भी उस समय जहां भी हों, वहीं रुकना होगा और लाइट्स ऑफ करनी होंगी। यह आदेश आम सवारी और ड्राइवर दोनों के लिए बाध्यकारी रहेगा।
7. सिर्फ इमरजेंसी व्हीकल्स को मिलेगी छूट
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियों को इस दौरान छूट दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में इनकी आवाजाही बाधित नहीं होगी।
क्यों खास है यह मॉकड्रिल?
यह अभ्यास सामान्य नहीं है। यह युद्ध जैसी स्थिति में जनता और प्रशासन के समन्वय की 'रिहर्सल' है। युद्धकालीन अनुभव या एयर स्ट्राइक अलर्ट जैसी स्थिति में यह ब्लैक आउट नागरिकों को सुरक्षित रखने का तरीका होता है। और इस ड्रिल में इंदौर देशभर में मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
क्या करें और क्या न करें?
- ब्लैक आउट से पहले वाहन सुरक्षित जगह पर खड़ा करें।
- हेडलाइट बंद करना न भूलें।
- किसी भी अफवाह से बचें, सोशल मीडिया पर ग़लत जानकारी न फैलाएं।
- अगर आप आपातकालीन सेवा में हैं, अपनी पहचान पास साथ रखें।
- इस समय कोई भी वाहन न चलाएं।
- ड्रिल को हल्के में न लें - यह आपकी सुरक्षा के लिए है।
इंदौर बोलेगा - "हम तैयार हैं"
जैसे ही घड़ी 7:30 पर पहुंचेगी, इंदौर अपनी रफ्तार से नहीं, अपने अनुशासन से देश को संदेश देगा। ब्लैक आउट कोई डरावनी बात नहीं, बल्कि ये साबित करने का मौका है कि जरूरत पड़ी तो हम एकजुट होकर किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
आज शाम...
जो जहां होगा, वहीं रुक जाएगा।
लेकिन इंदौर की तैयारी... दौड़ेगी सबसे आगे।












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