Hingot yudh: हिंगोट युद्ध में बरसते हैं आग के गोले, कलंगी और तुर्रा की सेना लड़ती है जंग
Diwali 2023 का पर्व इंदौर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जहां अब दीपावली के बाद अलग-अलग परंपराओं को निभाने का सिलसिला भी शुरू होगा। वहीं इंदौर शहर के पास गौतमपुरा में हर साल दीपावली के बाद हिंगोट युद्ध का आयोजन किया जाता है, जिसमें कलंगी और तुर्रा दो सेनाओं के बीच हिंगोट युद्ध होता है।
दोनों ही सेनाएं एक दूसरे पर हिंगोट बरसाती है। हिंगोट देखने प्रदेश भर से लोग गौतमपुरा पहुंचते हैं, जहां लाखों की संख्या में लोग हिंगोट युद्ध देखते हैं।

आमने-सामने होंगी सेनाएं
गौतमपुरा में होने वाले हिंगोट युद्ध को लेकर योद्धाओं में उत्साह नजर आ रहा है, जहां योद्धाओं ने हिंगोट युद्ध के लिए अपने-अपने स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। दोनों ही सेनाओं के योद्धा भगवान देवनारायण के मंदिर में पहुंचकर आशीर्वाद लेते हैं। वहीं इसके बाद हिंगोट युद्ध का आरंभ होता है, 2 साल से हिंगोट युद्ध का आयोजन नहीं हो सका था, जहां हिंगोट युद्ध को लेकर योद्धाओं में उत्साह नजर आ रहा है। वहीं अबकी बार भी हिंगोट युद्ध को देखने के लिए लाखों की संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस तरह होता है युद्ध का आरंभ
कलंगी और तुर्रा दोनों ही दल के योद्धा हिंगोट युद्ध से कई दिनों पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर देते हैं, जहां युद्ध के दिन दोनों ही दलों के योद्धा भगवान देवनारायण का आशीर्वाद लेने के बाद मैदान में आमने-सामने खड़े हो जाते हैं, और युद्ध का संकेत मिलते ही एक दूसरे पर हिंगोट बरसाने शुरू कर देते हैं। इस दौरान दोनों ही दलों के योद्धा अपने हाथों में ढाल और हिंगोट लिए नजर आते हैं। इस दौरान मैदान का नजारा कुछ इस तरह लगता है कि, पूरे मैदान में हिंगोट ही हिंगोट नजर आते हैं.
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