MP के बांस से डेनमार्क में बनेंगे पवन चक्की के पंख, खासियत जानकर हर कोई हैरान
मध्यप्रदेश का देवास जिला बांस उत्पादन के लिए अपनी अलग पहचान रखता है, जहां देवास जिले का बांस कई अलग-अलग तरह की सामग्री बनाने के लिए उपयोग किया जाता है, अक्सर देवास में लगने वाले बांस से बांसुरी और घरेलू सामान की अलग-अलग वस्तुएं निर्मित की जाती हैं, लेकिन अब यहां के बांस का डेनमार्क में बनने वाली पवन चक्की के पंख बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा। देवास में लगने बांस अच्छी क्वालिटी के होते हैं। यही कारण है कि, इनसे अलग-अलग तरह की वस्तुएं निर्मित की जाती है। वहीं अब बांस का उपयोग डेनमार्क में बनने वाली पवन चक्की के पंख बनाने के लिए किया जाएगा।

कुछ ऐसे होगा पवन चक्की की ब्लेड का निर्माण
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पास देवास में भोपाल रोड पर आर्टीशन कंपनी यानी आर्ट इज कला स्थित है, जहां से प्रोसेस बांस का फाइबर डेनमार्क भेजा जाएगा, जिससे डेनमार्क की कंपनी पवन चक्की में लगने वाले पंखे यानी ब्लेड का निर्माण कर सकेंगे। देवास में लगभग 19 एकड़ में फैले बांस के प्लांट में बांस की खेती से लेकर बांस के अलग-अलग तरह के आकर्षक और सुंदर सामग्री बनाने का काम किया जाता है, जहां अपनी इस काबिलियत के लिए यह प्लांट दुनिया भर में मशहूर है।

भारत में बांस की अलग क्वालिटी
देवास में बांस के उत्पाद बनाने वाले कारखाने का संचालन करने वाले संचालक की मानें तो बांस की विश्व में करीब 1380 प्रजातियां पाई जाती है, जिनमें सबसे अच्छी प्रजाति के बांस भारत में ही पाए जाते हैं, उनमें भी मध्यप्रदेश के देवास में पाए जाने वाले बांस की क्वालिटी काफी अच्छी रहती है। यही कारण है कि, अब देवास के बांस से घरेलू सामान में उपयोग होने वाली वस्तुओं के साथ-साथ डेनमार्क में पवन चक्की की ब्लेड का भी निर्माण होगा।

आत्मनिर्भर भारत का अनूठा उदाहरण
देवास में बांस से अलग-अलग तरह के उत्पाद बनाने का यह प्लांट विश्व का एकमात्र और अनूठा प्लांट है, जहां बांस के अलग-अलग उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस प्लांट की खासियत पर यदि एक नजर डालें तो यहां बांस के उत्पादन से लेकर बांस के उत्पाद बनाने तक का कार्य किया जाता है। साथ ही यहां बांस किसानों से खरीदे भी जाते हैं, बांस के उत्पाद बनाने का यह कारखाना साल 2014 में देवास में स्थापित हुआ था। वहीं अब यहां सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं, और आत्मनिर्भर भारत का सपना भी साकार कर रहे हैं।

किसानों को भी हो रहा फायदा
देवास में स्थित बांस के उत्पाद बनाने के इस प्लांट से देशभर के किसानों को फायदा हो रहा है। इस प्लांट में कर्मचारियों द्वारा बांस के पौधे तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराए जाते हैं तो वहीं फिर यह बांस के पौधे मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में किसानों तक पहुंचते हैं, जहां किसान इस पौधे से बांस तैयार कर कंपनी को बेच देता है। वहीं अब इस प्रक्रिया से देशभर के लगभग 15 हजार से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं।
-
MP Ladli Behna Yojana के 35वीं किस्त का पैसा आपके खाते में कब आएगा? क्या इस बार बढ़ेगी राशि? -
क्या आपने देखा पण्डोखर धाम का ये अनोखा फैसला? 2–22 अप्रैल मेले में सब कुछ FREE, जानिए कैसे मिलेगा फायदा -
Madhya Pradesh: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ सिंधिया का फ्री मेगा मेडिकल कैंप, गांवों में फ्री इलाज -
KBC वाली तहसीलदार गिरफ्तार, कहां और कैसे किया 2.5 करोड़ का घोटाला? अब खाएंगी जेल की हवा -
'Monalisa झूठी है', महाकुंभ वायरल गर्ल की मां का बड़ा दावा, पिता जय सिंह ने सबके सामने रखा बेटी का ऐसा सच -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट?












Click it and Unblock the Notifications