NEET एग्जाम में हुई गड़बड़ी के खिलाफ फूटा कांग्रेस का गुस्सा, धरना देकर विरोध जताया
इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सदाशिव यादव के नेतृत्व में नीट,नर्सिंग एवं पेपर लीक कांड घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने इंदौर कलेक्टर चौराहे पर प्रभावी धरना-प्रदर्शन आयोजित किया।
धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से सज्जनसिंह वर्मा, रवि जोशी, गजेंद्र सिंह सिसोदिया एवं अवनीश भार्गव मुख्य रूप से उपस्थित थे। धरना प्रदर्शन के पश्चात महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम इंदौर कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया।

ज्ञापन में कहा गया कि, राष्ट्रीय स्तर पर देश की केंद्रीय एजेंसी एनटीए द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन किया जाता है। इन परीक्षाओं में देश के लाखों छात्र-छात्राएं अपने स्वर्णिम भविष्य देश निर्माण में अपने योगदान व परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए हिस्सा लेते है। इन परीक्षाओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं द्वारा अथक परिश्रम अध्ययन व समर्पण निहित होता है। जिसकी मात्र कल्पना ही की जा सकती है। इन छात्र-छात्राओं की शिक्षा कोचिंग में लगने वाली फीस व साधन उनके परिवार के त्याग व उठाई गई कठिनाइयों की अनुभूति मानव संवेदनाओं का सर्वत्र इन छात्रों के अध्ययन व परीक्षाओं में दांव पर लग जाता है।
इन सबके उपरांत जब पेपर लीक, नकल व परीक्षाओं में व्याप्त धांधलियां योग्य परीक्षार्थियों को किनारा कर अयोग्य के पात्रों को आगे करती है। तो हर विवेकशील भारतवासी का सिर शर्म से झुक जाता है। इन प्रतियोगी परीक्षाओं के रद्द किए जाने से छात्र-छात्राओं का जो समय वह आयु बर्बाद हो जाती है उसकी भरपाई संभव है।
इसी तारतम्य में मध्य प्रदेश में हुए नर्सिंग शिक्षा संस्थान घोटाला व इंदौर में हुए पेपर लीक प्रकरण से जो शिक्षा के सौदागर राजनेता को दिए गए राजनीतिक संरक्षण के कारण मामूली कार्रवाई से ही मुक्त कर दिया गया। उसकी और भी आपका ध्यान आकर्षित करना अत्यंत आवश्यक है।
आदरणीय महामहिम राष्ट्रपति जी इन सारे तथ्यों में निहित भ्रष्टाचार,अन्याय व मां सरस्वती के केंद्रों द्वारा किए गए कदाचरण को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। यह सारे प्रकरण शिक्षा व्यवस्था में राजनीतिक संरक्षण में लिप्त अपराधियों जिम्मेदारों व कर्ताधर्ताओं पर कठोर से कठोर कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में आमूल परिवर्तन व समुचित प्रक्रिया को उच्च से उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं। ताकि बच्चों में यह भावना पुन:जागृत हो कि उनके परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा वह उनके हक अधिकार व भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा।
साथ ही महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम भी एक ज्ञापन दिया गया जिसमें मध्य प्रदेश में हुए नर्सिंग घोटाले वह पेपर लीक प्रकरण के उत्तरदायी प्रदेश के चिकित्सा मंत्री को शीघ्र बर्खास्त करने की मांग की गई।
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