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Indore में बनेगी MP की पहली हाईटेक गौशाला, क्या है खासियत, जानिए

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव इंदौर जिले के महू-मण्डलेश्वर मार्ग पर स्थित आशापुरा में प्रदेश में अपने तरह की पहली हाईटेक कामधेनु गौशाला के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह गौशाला 10 हजार गायों के पालन-पोषण के लिये रहेगी। यह गौशाला लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाई जा रही है। इस गौशाला का निर्माण इंदौर नगर निगम के माध्यम से किया जायेगा। इसके देखरेख की जिम्मेदारी भी नगर निगम ही संभालेंगी।

गौशाला के संचालन में संत समाज का सहयोग भी लिया जायेगा। इसके संचालन में समाजसेवी लोग भी नि:स्वार्थ भाव से गौ-सेवा के कार्यों में जुड़ सकेंगे। गायों के पालन और संरक्षण के लिये सभी जरूरी सुविधाएं गौशाला में रहेंगी। गौशाला क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण भी किया जायेगा।

Indore

कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद कविता पाटीदार, विधायक उषा ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, निरंजन सिंह चौहान सहित अन्य जन प्रतिनिधि और स्वामी अच्युतानंद महाराज विशेष रूप से मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि, मध्यप्रदेश में गौ संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा तेजी से संकल्पबद्ध होकर कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए गौ शालाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, प्रदेश में गौशालाओं के माध्यम से गौ सेवा की नई इबारत लिखी जाएगी। प्रदेश में नई दुग्ध क्रांति लाई जाएगी। इसके माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दुग्ध उत्पादकों की आमदनी में भी वृद्धि की जाएगी। हमारा प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। इस दिशा में हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि, प्रदेश में सभी वर्ग की बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा संकल्पबद्ध होकर प्रयास किये जा रहे हैं। हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के भी निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही हमारे प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। अभी देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत उत्पादन हमारे प्रदेश में है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि, प्रदेश में निराश्रित गौ वंश की समस्याओं का समाधान गौ शालाओं के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश के सभी बड़े नगरों में हजारों गौवंश क्षमता की गौशालाएँ स्थापित कर उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में भी अब दस हजार गौवंश क्षमता की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गौ शाला बनायी जा रही है। यह कामधेनु गौशाला अद्भुत होगी।

उन्होंने कहा कि, गौ शालाओं के विकास में शासन के साथ समाज की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आव्हान किया कि समर्पण और सेवा भाव के साथ समाज का हर वर्ग गौ शाला के संचालन में सहयोग के लिये भागीदार बने। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं के विकास और विस्तार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है। गौ माता में तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गौ माता हमारे लिये पूजनीय है। उन्होंने कहा कि गौ वंश के संरक्षण और संवर्धन के लिये राज्य शासन ‍निरंतर प्रयासरत है। हमने यह वर्ष गौ माता की सेवा को समर्पित किया है। गौ वंश को बढ़ावा देने के लिये डॉ.भीमराव अम्बेडकरजी के नाम से योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना में गौ वंश पालकों को अनुदान दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि, गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन हेतु मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति 2025 बनायी गयी है। प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या का समाधान गौशालाओं की स्थापना से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में गौमाता का पूजन किया। गौ-माता को गौ-ग्रास भी खिलाया। मुख्यमंत्रीजी ने गाय के बच्चे को गोद में लेकर स्नेह से दुलार किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने सम्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में विकास की नयी इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गौ वंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये कृत संकल्पित होकर कार्य किये जा रहे हैं। हातोद स्थित गौशाला का कायाकल्प किया गया। इसे उच्च सुविधाओं से युक्त किया गया है। इससे
गायों की संख्या बढ़कर 650 से 2 हजार हो गयी। इंदौर देश की एकमात्र ऐसी नगर निगम होगी जहाँ गौ सेवा के लिये सवा सौ बीघा जमीन की गौ शालाये होंगी। उन्होंने कहा कि आशापुरा में भी 80 बीघा जमीन में सर्वसुविधायुक्त गौशाला विकसित की जायेगी।

स्वामी अच्चुतानंदजी महाराज ने कहा कि, गौ रक्षा की दिशा में यह सबसे बड़ा प्रकल्प है। यह गौशाला देश की अन्य गौशालाओं के लिये बड़ा उदाहरण बनेगी। गौवंश का संरक्षण एवं संवर्धन अब जन आंदोलन बन गया है। हातोद की गौशाला में पहले 650 गायें थीं जो लगभग एक वर्ष में बढ़कर अब दो हजार हो गयी है।

सर्वसुविधा युक्त होगी कामधेनु गौशाला आशापुरा (महू)

नगर निगम इंदौर द्वारा महू तहसील के आशापुरा ग्राम में कामधेनु गौशाला का निर्माण प्रारंभ किया गया है। इस गौ शाला के लिए कलेक्टर इंदौर द्वारा लगभग 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर गौवंश के संवर्धन हेतु नगर निगम इन्दौर को अधिपत्य में दी गयी है। उक्त भूमि पर नगर निगम इंदौर द्वारा गौ वंश संवर्धन के उददेश्य से कार्य योजना तैयार की गई है। इसके तहत कुल दस हजार गौवंश के लिये लगभग 8 शेड बनाये जायेंगे। प्रत्येक शेड के साथ में गौ वंश के सुगम विचरण हेतु खुला स्थान रहेगा। परिसर में गौवंश के आहार भण्डारण हेत भूसाघर एवं दानाघर का प्रावधान किया गया है। बीमार गौवंश की देखभाल हेत विशेष सुविधाओं से युक्त पृथक शेड का निर्माण किया जायेगा।

हरे चारे की बुआई हेतु खुली कृषि भूमि का भी प्रावधान रखा गया है। सड़क के दोनों ओर तालाब के चारों ओर एवं अन्य निर्धारित स्थान पर सघन वृक्षारोपण किया जायेगा। परिसर में एक गौ पूजन केन्द्र का निर्माण किया जायेगा। पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जायेगी। अन्य जरुरी कार्य भी कराये जायेंगे।

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