Aaj Ka Panchang: आज शुक्ल पक्ष की सप्तमी, क्या है शुभ मुहूर्त?
Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त के मापदंड
| 🌅 सुबह की भोर | सुबह 05:08 | 🌇 शाम की गोधूलि बेला | शाम 6:51 |
| 🌙 चंद्र आरोहण | सुबह 11:29 बजे | 🌜 चंद्र अवरोहण | रात 11:42 |
📅 कोर ज्योतिषीय संकेतक (पंचांगम)
| 🌑 चंद्र कला (तिथि) | सप्तमी (7वां चरण) अपराह्न 03:20 बजे तक, उसके बाद अष्टमी (8वां चरण) में परिवर्तन |
| ⭐ नक्षत्र (स्टेलर मेंशन) | पूर्वा फाल्गुनी प्रातः 09:31 बजे तक, उसके बाद उत्तरा फाल्गुनी में प्रवेश |
| 🌀 आकाशीय योग | सुबह 11:21 बजे तक सिद्धि, उसके बाद व्यतिपात |
| ⚖️ सेक्टोरियल कराना | वनिजा दोपहर 3:20 बजे तक, उसके बाद विष्टी सुबह 3:24 बजे तक (22 जून) और अंत में बावा। |
| 🗓️ सप्ताह का दिन | रविवाड़ा (रविवार) |
| 🌗 चंद्र पक्ष (पखवाड़ा) | शुक्ल पक्ष (उज्ज्वल बढ़ते हुए पखवाड़ा) |
🌙 कैलेंडर और खगोलीय संवत्सर
| 👑 विक्रम युग | 2083 सिद्धार्थ | 🔄 वार्षिक चक्र का नाम | सिद्धार्थी (21 अप्रैल, 2026, 03:53 अपराह्न तक, उसके बाद रौद्र) |
| 🔱 शाका युग | 1948 पराभाव | 🚩 गुजराती युग | 2082 पिंगला |
| 🌕 पूर्णिमा का महीना | ज्येष्ठ | 🌑 अमंता माह | ज्येष्ठ |
| 📅 सोलर ट्रांजिट गेट | प्रविष्टे 7 | ||
👑 दिव्य संप्रभु परिषद (विक्रम संवत 2083)
| 👑 संप्रभु शासक (राजा) | बृहस्पति | ⚔️ सैन्य जनरल (सेनाधिपति) | चंद्र (चंद्रमा) |
| ⚜️ मंत्रिमंडल प्रमुख (मंत्री) | मंगल ग्रह | 🌻 रबी फसल स्वामी (धन्यधिपति) | बुद्ध (बुध) |
| 🌾खरीफ फसल स्वामी (शस्यधिपति) | बृहस्पति | 🌧️ मौसम एवं वर्षा शासक (मेघाधिपति) | चंद्र (चंद्रमा) |
| 💰कोष संरक्षक (धनाधिपति) | बृहस्पति | 🪙धातु एवं संसाधन शासक (निरासाधिपति) | बृहस्पति |
| 🍯 रस और द्रव्य के स्वामी (रसाधिपति) | शनि (शनि) | 🍎 फूल और फल भगवान (फलाधिपति) | चंद्र (चंद्रमा) |
🦁 राशि चक्र की स्थिति और चंद्र चरण
| 🦁 चंद्र राशि (मूनसाइन) | दोपहर 3:40 बजे तक सिंह (Leo) राशि रहेगी, उसके बाद कन्या (Virgo) राशि में परिवर्तन होगा। |
| ♊ सूर्य राशि (Sunsign) | मिथुन |
| 🦌 सूर्य हवेली | मृगशिरा (सौर भवन) |
| 🎯हवेली सब-क्वार्टर (पाड़ा) | • पूर्वा फाल्गुनी (चौथी तिमाही) सुबह 9:31 बजे तक • उत्तराफाल्गुनी (प्रथम तिमाही) दोपहर 03:40 बजे तक • उत्तरा फाल्गुनी (द्वितीय तिमाही) रात 9:51 बजे तक • उत्तरा फाल्गुनी (तीसरा पहर) सुबह 04:05 बजे तक (22 जून) इसके बाद उत्तरा फाल्गुनी (चौथी तिमाही) |
🌿 मौसमी परिवर्तन और दैनिक अवधि
| ☀️ प्रेक्षण ऋतु (द्रिक ऋतु) | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) | 📜 पारंपरिक ऋतु (वैदिक ऋतु) | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) |
| 🧭 अवलोकन अयाना | उत्तरायण (उत्तरी पारगमन) | 🪐 पारंपरिक अयाना | उत्तरायण |
| ⏱️ डेलाइट स्पैन (दिनमना) | 13 घंटे 43 मिनट 00 सेकंड | 🌙 रात्रिकाल (रात्रिमाना) | 10 घंटे 17 मिनट 12 सेकंड |
| 🌞 दोपहर (मध्यना) | दोपहर 12 बजे | ||
✨ शुभ और सौभाग्यशाली समय
| 🧘 सृष्टिकर्ता मुहूर्त (ब्रह्म मुहूर्त) | सुबह 03:46 से 04:27 तक | 🌅 भोर की प्रार्थना | सुबह 04:07 से 05:08 तक |
| 🎯 परम पुण्य काल (अभिजीत) | सुबह 11:32 से दोपहर 12:27 तक | 🏆 विजयी काल (विजय मुहूर्त) | दोपहर 2:17 से दोपहर 3:12 तक |
| 🐄 सूर्यास्त स्वर्णिम घंटा (गोधूलि) | शाम 6:50 से शाम 7:11 तक | 🌆 सूर्यास्त प्रार्थना (सयाहना संध्या) | शाम 6:51 से शाम 7:53 तक |
| 🧪 दिव्य अमृत काल (अमृत कलाम) | सुबह 2:55 से 4:34 तक (22 जून) | 🌌 मध्यरात्रि सार घंटा (निशिता) | रात 11:39 बजे से रात 12:20 बजे तक (22 जून) |
| 🔺 ट्रिपल प्रॉफिट यूनियन (त्रि पुष्कर) | सुबह 9:31 बजे से दोपहर 3:20 बजे तक | 🌟 सिद्धि संघ (सर्वार्थ सिद्धि) | सुबह 9:31 बजे से सुबह 5:08 बजे तक (22 जून) |
⚠️ प्रतिकूल और चेतावनीपूर्ण खिड़कियाँ
| 🐉 राहु काल (छाया ग्रह समय) | शाम 5:08 से शाम 6:51 तक | 💀 मृत्यु के स्वामी का घंटा (यमगंडा) | दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 1:43 बजे तक |
| ⚡ अशुभ तारकीय संयोजन (आदल योग) | सुबह 5:08 से 9:31 बजे तक | ❌ अशुभ मुहूर्त (दुर मुहूर्तम) | शाम 5:02 बजे से शाम 5:56 बजे तक |
| ⏳ बाधा पाश (गुलिकाई कलाम) | दोपहर 3:26 से शाम 5:08 तक | 🚫 भद्रा गोचर (अवांछनीय) | दोपहर 3:20 से सुबह 3:24 तक (22 जून) |
| ⚠️ परिहार्य अंतराल (वरज्यम) | शाम 4:58 से शाम 6:38 तक | 🏹 चोर/चोर धनुर्धर प्रभाव (बाण) | चोरा शाम 7:46 बजे से पूरी रात तक |
🧭 दिशा-निर्देश और रहस्यमय निवास
| 🔥 हवन टारगेट (होमाहुती) | शुक्र (वीनस) | 🧭 यात्रा निषेध (दिशा स्कूल) | पश्चिम |
| 🌋 अग्नि तत्व का स्थान (अग्निवास) | दोपहर 3:20 बजे तक आकाश (स्वर्ग), उसके बाद पाताल (नरक)। | 💫 अशुभ नक्षत्रों की दिशा (नक्षत्र श्रेणी) | उत्तर दिशा में सुबह 9:31 बजे से पूरी रात तक |
| 🌾 राक्षसी उपस्थिति का स्थान (भद्रावास) | मृत्यु (पृथ्वी) दोपहर 3:20 बजे से दोपहर 3:40 बजे तक, फिर पाताल (अंतर्लोक) दोपहर 3:40 बजे से सुबह 3:24 बजे तक (22 जून) | 🌕 चंद्रमा की स्थिति (चंद्र वास) | दोपहर 3:40 बजे तक पूर्व दिशा में, फिर पूरी रात दक्षिण दिशा में। |
| 🔱 शिव संगीत ब्रह्मांडीय गतिविधि (शिववास) | 03:20 अपराह्न तक भोज (भोजन), उसके बाद श्मशान (शमशान) | 🏺 कुंभ चक्र के लिए शुभ पात्र | दक्षिण |
| ☠️ राहु की स्थिति (राहु वासा) | उत्तर | ||
⏳ ऐतिहासिक युग और वैकल्पिक समयरेखाएँ
| 🌌 कलियुग (कलियुग) | 5127 वर्ष बीत गए | 📐 आकाशीय अक्षीय ऑफसेट (लाहिरी अयनांश) | 24.233572 |
| 🔢 कलि युग (अहरगण) के बाद से बीते दिन | 1,872,747 दिन | 📅 निश्चित दिन गणना (राटा डाई) | 739,788 दिन |
| 📜 जूलियन कैलेंडर के समतुल्य | 8 जून, 2026 ईस्वी | 🪐 जूलियन दिवस संख्या | 2461212.5 दिन |
| 🇮🇳 भारतीय राष्ट्रीय नागरिक तिथि | ज्येष्ठ 31, 1948 शक | 📈 जूलियन दिवस की संशोधित गणना | 61212 दिन |
| 🗓️ भारतीय निरयण कैलेंडर | आषाढ़ 7, 1948 शक | ||
💪 चंद्र शक्ति और तारकीय संबंध (ताराबलम और चंद्रबलम)
| 🌕 चंद्रबलम (चंद्रमा की शक्ति) | ⭐ तारकीय अनुकूलता (ताराबलम) |
| ⏰ चक्र 1 (दोपहर 3:40 बजे तक): यह मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि वालों को शक्ति प्रदान करता है। ⚠️ मकर राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र का महत्वपूर्ण गोचर। ⏰ चक्र 2 (दोपहर 3:40 बजे के बाद): | ⏰ चक्र 1 (सुबह 09:31 बजे तक): शुभ नक्षत्र: अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद। ⏰ चक्र 2 (सुबह 09:31 बजे के बाद): |
🔮 ज्योतिषीय पंचक और लग्न अंतराल
| 🛡️ दोष रहित मुहूर्त (पंचक रहित) | 🌅 क्षितिज लग्न (उदय लग्न) |
| • 05:08 पूर्वाह्न - 07:02 पूर्वाह्न: राज पंचक • 07:02 पूर्वाह्न - 09:20 पूर्वाह्न : 💎 शुभ मुहूर्त • 09:20 पूर्वाह्न - 09:31 पूर्वाह्न: चोर पंचक • 09:31 पूर्वाह्न - 11:34 पूर्वाह्न : 💎 शुभ मुहूर्त • 11:34 पूर्वाह्न - 01:47 अपराह्न: रोग पंचक • 01:47 PM - 03:20 PM : 💎 शुभ मुहूर्त • 03:20 PM - 04:03 PM: मृत्यु पंचक • 04:03 अपराह्न - 06:20 अपराह्न: अग्नि पंचक • 06:20 PM - 08:25 PM : 💎 शुभ मुहूर्त • 08:25 अपराह्न - 10:10 अपराह्न: राज पंचक • रात्रि 10:10 - रात्रि 11:40 : 💎 शुभ मुहूर्त • 11:40 अपराह्न - 01:09 पूर्वाह्न (22 जून): चोर पंचक • 01:09 पूर्वाह्न - 02:47 पूर्वाह्न (जून 22): राज पंचक • 02:47 पूर्वाह्न - 04:44 पूर्वाह्न (22 जून): 💎 शुभ मुहूर्त • 04:44 पूर्वाह्न - 05:08 पूर्वाह्न (22 जून): चोर पंचक | • सुबह 04:48 - सुबह 07:02: मिथुन राशि • 07:02 पूर्वाह्न - 09:20 पूर्वाह्न: कर्क (कर्क) • सुबह 9:20 - 11:34: सिंह (Leo) • 11:34 पूर्वाह्न - 01:47 अपराह्न : कन्या (कन्या) • दोपहर 1:47 - शाम 4:03: तुला (Libra) • 04:03 अपराह्न - 06:20 अपराह्न : वृश्चिक (स्कॉर्पियो) • 06:20 अपराह्न - 08:25 अपराह्न : धनु (धनु) • रात 8:25 - 10:10: मकर राशि (मकर) • रात 10:10 - 11:40 बजे: कुंभ राशि • रात 11:40 - सुबह 01:09 (22 जून): मीन (मीन) • 01:09 पूर्वाह्न - 02:47 पूर्वाह्न (22 जून): मेष राशि (एरिस) • 02:47 पूर्वाह्न - 04:44 पूर्वाह्न (जून 22): वृषभ (वृषभ) |
🎉 क्षेत्रीय समारोह एवं कार्यक्रम
| 🎡 त्यौहार / विशेष आयोजन | ℹ️ महत्व |
| ☀️ भानु सप्तमी | सूर्य देवता को समर्पित एक अत्यंत शुभ दिन। |
| 🌍 ग्रीष्म संक्रांति | उत्तरी गोलार्ध में कैलेंडर वर्ष की सबसे लंबी दिन की अवधि। |
⚠️ महत्वपूर्ण नोट: सभी निर्दिष्ट समय वाराणसी, भारत के मानक स्थानीय समय क्षेत्र के सापेक्ष 12-घंटे के प्रारूप में हैं (जहाँ लागू हो, DST सुधार सहित)। मध्यरात्रि के बाद के समय अगले दिन की तिथि के साथ दर्शाए गए हैं। इस प्रारूप के अनुसार, ज्योतिषीय कैलेंडर का दिन स्थानीय सूर्योदय के साथ शुरू और समाप्त होता है।
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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