MP में कोरोना के बाद अब मंकी पॉक्स की टेंशन, जानिए इससे बचाव के तरीके

इंदौर, 26 जुलाई: देशभर में कोरोना संक्रमण के बाद अब मंकी पॉक्स टेंशन बना हुआ है, जहां मध्यप्रदेश में भी मंकी पॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर नजर आ रहा है। उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि WHO ने भी मंकी पॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। भारत देश में मंकी पॉक्स के 4 मामले अब तक सामने आ चुके हैं, जिसके बाद अब मध्यप्रदेश में भी मंकी पॉक्स का खतरा बढ़ने लगा है, जिसे देखते हुए अब प्रदेशवासियों को एक बार फिर सावधान रहने की जरूरत है।

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जानिए क्या है, मंकी पॉक्स?

केरल में लगातार बढ़ रहे मंकी पॉक्स संक्रमण का डर अब देश के अन्य हिस्सों में भी देखा जा रहा है, जहां केरल के साथ-साथ अब देश के अन्य राज्यों में भी मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। मंकी पॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है, जो मुख्य रूप से वर्षा वन क्षेत्रों में पाई जाती है।

ये है मंकी पॉक्स के लक्षण

मंकी पॉक्स लक्षण सामान्यतः 3 से 4 सप्ताह में खत्म हो जाते हैं। यह वायरस मुख्य रूप से पशुओं से मनुष्यों में फैलता है। साथ ही यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर सकता है। इस वायरस के लक्षण तो वैसे सामान्य ही रहते हैं, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह बेहद खतरनाक भी हो सकता है, इसलिए मंकी पॉक्स को लेकर सावधानी रखने की बेहद आवश्यकता है।

इन हिस्सों से शरीर में प्रवेश करता है वायरस

मंकी पॉक्स संक्रमण पर यदि एक नजर डालें तो यह संक्रमण मुख्य रूप से पशुओं में होता है, जहां यह पशुओं से मनुष्यों में भी प्रवेश कर सकता है, वहीं यह संक्रमण मनुष्यों से एक दूसरे में फैलता है, जहां नाक, आंख और मुंह के माध्यम से यह मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है। इतना ही नहीं किसी संक्रमित पशु के संपर्क में आने से भी यह संक्रमण फैल सकता है। मंकीपॉक्स के लक्षण सामान्यतः 3 से 4 सप्ताह में खत्म हो जाते हैं।

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