जायडस कैडिला की कोविड वैक्सीन को जल्द मिल सकती है भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी
अहमदाबाद आधारित दवा निर्माता कंपनी जायडस कैडिला भारत में अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन 'ZyCoV-D' के आपात इस्तेमाल के लिए इस महीने अप्रूवल मांग सकती है।
गांधीनगर, 8 मई। अहमदाबाद आधारित दवा निर्माता कंपनी जायडस कैडिला भारत में अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन 'ZyCoV-D' के आपात इस्तेमाल के लिए इस महीने अप्रूवल मांग सकती है। कंपनी को विश्वास है कि उसे इस महीने इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाएगी। कंपनी प्रति माह 'दर्द रहित' कोरोना वायरस वैक्सीन की 1 करोड़ डोज का उत्पादन करती है। अगर 'ZyCoV-D' को अनुमति मिल जाती है तो यह ऐसी चौथी वैक्सीन होगी जिसका इस्तेमाल भारत में चल रहे कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान में होगा।

भारत आधारित कंपनी की प्रतिमाह 3-4 करोड़ वैक्सीन बनाने की योजना है और इसके लिए वह दो अन्य वैक्सीन निर्माता कंपनियों से बातचीत कर रही है। कंपनी का कहना है कि वैक्सीन को आदर्श रूप से 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच स्टोर किया जाना चाहिए लेकिन यह 25 डिग्री सेल्सियस पर भी स्थिर रह सकती है। कंपनी का कहना है कि इसका रख-रखाव और इसका इस्तेमाल भी आसान है। इंट्राडेर्मल इंजेक्शन के माध्यम से इसे लगाया जाएगा।
अगर इस वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो इससे भारत में वर्तमान में चल रही वैक्सीन की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकेगी। इससे पहले अप्रैल में कंपनी ने कहा था कि उसकी दवा विराफिन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कोरोना के मामूली केसों पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. शरविल पटेल ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि उनकी वैक्सीन को जल्द भारत में इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है।
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उन्होंने कहा कि, 'मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि कोरोना के खिलाफ भारत की पहली स्वदेशी तौर पर विकसित डीएनए वैक्सीन ZyCoV-D अप्रूवल मिलने के बेहद करीब है।' उन्होंने कहा कि हमने इससे जुड़े सभी क्लीनिकल ट्रायल लगभग पूरे कर लिये हैं। हमारे पास भारत में क्लीनिकल ट्रायल के लिए बड़ी संख्या में मरीज हैं। अभी तक 28,000 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जा चुका है।
उन्होंने आगे कही कि हमने वैक्सीन के ट्रायल में 12-17 साल की उम्र के बच्चों को भी शामिल किया था। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही क्लीनिकल ट्रायल का डेटा आ जाएगा, हम इसके आपात इस्तेमाल के लिए अनुमति मांगेंगे और जैसे ही हमें अप्रूवल मिल जाएगा हम जुलाई से इसका उत्पादन शुरू कर देंगे।
डॉ. शरविल ने कहा कि कि मई के मध्य में इसका प्रभावी डेटा आने की उम्मीद है और डेटा के आते ही हम इसके इस्तेमाल के लिए भारत सरकार से अनुमति मांगेगे। इस समय वैक्सीन के ज्यादा से ज्यादा उत्पादन की सख्त जरूरत है। डॉ. शरविल ने कहा कि, 'हमने पहले ही बहुत सारे आंकड़े जमा कर दिये हैं ताकि इससे नियामकों को सहातया मिल सके और हमें जल्द से जल्द इसके इस्तेमाल की अनुमति मिल सके।'












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