जायडस कैडिला जल्द करेगा अपनी कोरोना वैक्सीन की मंजूरी के लिए आवेदन, होगा दुनिया का पहला डीएनए टीका
जायडस कैडिला एक हफ्ते में करेगा अपनी कोरोना वैक्सीन की मंजूरी के लिए आवेदन, ये दुनिया का पहला डीएनए टीका
नई दिल्ली, 18 जून: अहमदाबाद की फार्मा कंपनी जायडस कैडिला एक हफ्ते में अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए अप्लाई कर सकती है। जायडस कैडिला ने केंद्र से कहा है कि वह अगले सात से दस दिनों में अपनी वैक्सीन ZyCoV-D के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया (डीसीजीई) के सामने आवेदन कर सकता है। कंपनी ने बताया है कि वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल पूरे कर लिए हैं। जिसके लिए करीब 28,000 वॉलिंटियर की भर्ती की गई थी।

जायडस कैडिला जल्द ही करेगी आवेदन
नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल वीके पॉल ने कहा है कि जायडस कैडिला जल्द ही आपातकालीन उपयोग के लिए आवेदन कर रही है। उन्होंने कहा कि यह अलग तरह की वैक्सीन है और ये दुनिया का पहला डीएनए टीका होगा। वयस्कों के अलावा जायडस कैडिला 12-17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए भी अपनी वैक्सीन के ट्रायल कर रही है। ट्रायल के नतीजों के परिणामों के आधार पर जायडस इसके इस्तेमाल की मंजूरी के लिए भी अप्लाई कर सकती है।

दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन होगी
जायडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन जायको-डी डीएनए आधारित कोविड वैक्सीन है। इसे इस्तेमाल की मंजूरी मिलती है तो ये दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन होगी। दरअसल डीएनए वैक्सीन शरीर में वायरस के उस हिस्से के जेनेटिक कोड को वहन करती है जो शरीर की इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है।

इस साल जनवरी में शुरू हुआ कोरोना टीकाकरण
देश में इस साल जनवरी में कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ था। इस समय देश में एस्ट्रेजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिर्सिटी की वैक्सीन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है, जिसे भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविशील्ड नाम से बनाया है। वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्सीन भी इस्तेमाल में ली जा रही है। इसके अलावा रूस की स्पुतनिक-वी का भी हाल ही में इस्तेमाल शुरू हुई है।












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