गो रक्षा के लिए अब योगी सरकार वसूलेगी 0.5 फीसदी सेस, प्रदेशभर में बनेंगे शेल्टर हाउस
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब गोरक्षा के लिए लोगों से नया टैक्स वसूलने की तैयारी कर रही है। प्रदेश सरकार ने गौ कल्याण नाम की योजना शुरू की है जिसके तहत अब लोगों को 0.5 फीसदी अतिरिक्त सेस देना होगा। यह कर शराब, टोल प्लाजा और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों से वसूल जाएगा। इस कर के द्वारा जो पैसा जमा होगा उसकी मदद से प्रदेशभर में गायो के लिए शेल्टर होम बनाया जाएगा, जिससे कि आवारा गायों को यहां रखा जा सके।

सरकार ने दी हरी झंडी
यूपी सरकार ने इस नीति को मंगलवार को हरी झंडी दे दी दै है। पिछले एक हफ्ते में तीन ऐसी घटनाएं सामने आई थी जब आवारा गायों को स्कूल और पुलिस स्टेशन के भीतर बंद कर दिया गया था। लोग आवारा गायों की वजह से काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं जिसकी वजह से परेशान लोगों ने गायों को यहां बंद कर दिया था। प्रदेशभर में आवारा पशुओं की वजह से लोगों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। जिस तरह से सरकार ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की है उसके बाद आवारा पशुओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।

लोग काफी परेशान
पिछले कुछ समय में जिस तरह से पशुओं की अवैध तस्करी, गोहत्या, भीड़ द्वारा मारपीट की खबरें सामने आई उसके बाद सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। आपको बता दें कि प्रदेशभर में गो हत्या और गोमांस पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। ग्रामीण इलाकों में आवारा पशुओं की वजह से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है, यही नहीं जिस तरह से सड़क पर आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है उसकी वजह से कई सड़क हादसे भी सामने आए हैं।

मंडी परिषद देगा 2 फीसदी सेस
नए सेस के बाद प्रदेश में शराब के दाम बढ़ने की संभावना है। हालांकि अभी इस बात पर अंतिम फैसला लिया जाना है कि किन-किन उत्पादों पर यह शुल्क बटोरा जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सेस अगले हफ्ते से लिया जाने लगेगा। एक्साइज मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि वह शराब को इस नए सेस के तहत लाने के खिलाफ थे, इससे अवैध शराब की बिक्री में बढ़ोतरी होगी। इस बाबत जल्द ही बैठक की जाएगी कि किन उत्पादों को इस सेस के तहत लाया जाए। इस नए सेस के बाद मंडी परिषद जोकि पहले से ही अपनी आय का एक फीसदी गो रक्षा के लिए देता है उसे अब 2 फीसदी सेस देना होगा।

हर शेल्टर होम में 1000 जानवर की क्षमता
नई नीति के अनुसार गायों के लिए अस्थायी शेल्टर हाउस हर गांव व निकाय में बनाया जाएगा। हर जिले में 1000 आवारा पशुओं को रखने की क्षमता होगी। प्रदेश के पशु पालन विभाग का कहना है कि शेल्टर होम के निर्माण का फंड मनरेगा, विधायक और सांसदों के फंड से किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस शेल्टर होम के बाद भी जो लोग अपने पशुओं को आवारा छोड़ देंगे उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और उनपर जुर्माना लगाया जा सकता है
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