एक महीने में 20 दिन यूपी से नदारद योगी, भाजपा के लिए साबित हो रहे हैं 'संजीवनी'
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है। उनकी लोकप्रयिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद चुनाव प्रचार के लिए योगी आदित्यनाथ स्टार प्रचारक के रूप में दूसरे पायदान पर हैं। तमाम चुनावों में प्रचार के लिए उनकी मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इस बात की तस्दीक इससे भी होती है कि पिछले एक महीने में योगी आदित्यनाथ 20 दिन प्रदेश से बाहर रहे हैं। इस दौरान वह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे।

हिंदुत्व फायरब्रांड नेता
योगी आदित्यनाथ को उनकी फायरब्रांड हिंदुत्व छवि की वजह से काफी पसंद किया जा रहा है , उन्हें सुनने के लिए रैलियों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं, यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए उनकी मांग में काफी इजाफा हुआ है। पिछले एक महीने में योगी आदित्यनाथ ने तीन राज्यों में कुल 26 रैलियों को संबोधित किया है। उन्होंने 6 रैलियों को छत्तीसगढ़ में, 9 रैलियों को मध्य प्रदेश में और 11 रैलियों को राजस्थान में संबोधित किया है।

अली बनाम बजरंगबली
आदित्यनाथ ने 1 दिसंबर को राजस्थान में रैलियों को संबोधित करने के बाद तेलंगाना में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे। चुनाव के दौरान हिंदू मतदाताओ को अपनी ओर खींचने के लिए भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को सबसे आगे रखा और आदित्यनाथ ने पार्टी की कतई निराश नहीं किया और उनकी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग जुटे। मध्य प्रदेश के भोपाल में दो दिन पहले हुई रैली में योगी आदित्यनाथ ने कमलनाथ पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस को सिर्फ मुस्लिम वोट चाहिए, कमलनाथ जी आप अपने अली को साथ रखिए, हमारे लिए बजरंग बली ही काफी हैं।

कांग्रेस के राज में आतंकियों को बिरयानी मिलती थी
राजस्थान के मकराना में रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस लोगों को बांटने की राजनीति करती आई है, यही वजह है कि इसके कार्यकाल में आतंकवाद चरम पर था। लेकिन अब आप देख सकते हैं जिन आतंकियों को पहले बिरयानी दी जाती थी, उन्हें अब गोलियां दी जा रही हैं। जिस तरह से पिछले एक महीने में योगी आदित्यनाथ प्रदेश से बाहर रहे हैं उसपर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति में प्रदेश का सरकारी तंत्र ध्वस्त हो गया है, क्या यही राम राज्य का उदाहरण है।
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