'SKM से पूछकर जाना चाहिए था': एक महीने के लिए सस्पेंड होने पर योगेंद्र यादव ने जारी किया बयान
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद मृतक बीजेपी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गए स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव को अब इसकी कीमत चुकानी पड़ी है। गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बड़ा फैसला लेते हुए योगेंद्र यादव को 1 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। अब इस फैसले पर योगेंद्र यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। योगेंद्र ने संयुक्त किसान मोर्चा के इस फैसले को स्वीकार करते हुए कहा कि ये जरूरी नहीं आंदोलन में एक व्यक्ति की राय से हर कोई सहमत हो।

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लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद लिए गए अपने फैसले को सही ठहराते हुए योगेंद्र यादव ने इसे इंसानियत बताया। अपने एक ट्वीट में बयान जारी करते हुए उन्होंने लिखा, 'मैं संयुक्त किसान मोर्चा की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का सम्मान करता हूं और इस प्रक्रिया के तहत दी गई सजा को सहर्ष स्वीकार करता हूं। किसान आंदोलन देश के लिए आशा की एक किरण बनकर आया है।इसकी एकता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को बनाए रखना आज के वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।'
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अपने लिखित बयान में योगेंद्र ने आगे कहा,
मैं लखीमपुर खीरी घटना में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर उनकी शान में नहीं बल्कि उनके परिवार से शोक संवेदन व्यक्त करने गया था। मेरा मानना है कि मानवीय संवेदना से सार्वजनिक अभिव्यक्ति से कोई भी आंदोलन कमजोर नहीं बल्कि मजबूत होता है। किसी भी आंदोलन में व्यक्तिगत समझ से समूहिक राय ऊपर होती है। मुझे खेद है यह निर्णय लेने से पहले मैंने संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य साथियों से बात नहीं की। मुझे इस बाद का दुख और खेद है। इस खबर से किसान आंदोलन से जुड़े अनेक साथियों को ठेस पहुंची है। मैं संयुक्त किसान मोर्चा के सामूहिक फैसले का सम्मान करता हूं और सजा को स्वीकार करता हूं।












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