योगेंद्र यादव जी तो क्या आप के स्वयंभू कमांडर हैं कुमार विश्वास?

विनोद कुमार बिन्नी की चिंगारियों से लैस फुलझड़ी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी, कि योगेंद्र यादव ने प्रेसवार्ता की और कहा कि बिन्नाी ने पार्टी का अनुशासन तोड़ा है, लिहाजा उन्हें नोटिस जारी की जायेगी। योगेंद्र यादव ने बिन्नी के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। खैर यहां तक तो ठीक था, लेकिन जब उन्होंने कहा कि बिन्नी की नाराजगी मंत्री पद और लोकसभा चुनाव की वजह से है, तब मीडिया ने सवालों की बौछार कर दी, जिसमें खुद योगेंद्र फंस गये।
जब यह पूछा गया कि लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी तय हुए कि नहीं, तो योगेंद्र ने जवाब दिया कि नहीं पार्टी ने अपने प्रत्याशी तय नहीं किये हैं। मीडिया का अगला सवाल यह था कि तो कुमार विश्वास क्यों खुद को राहुल गांधी का प्रतिद्वन्द्वी बताते फिर रहे हैं, तो योगेंद्र ने जवाब दिया, ऐसा कतई नहीं है। कुमार विश्वास ने कभी नहीं कहा कि वो राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने अमेठी जा रहे हैं, बल्कि वो तो बय अमेठी में पार्टी को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। योगेंद्र यादव ने आगे कहा कि मैं आम आदमी पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता से कहना चाहूंगा कि कुमार विश्वास की तरह अगर वो भी पार्टी को मजबूत करें तो अच्छा रहेगा।
योगेंद्र यादव की यह प्रेसवार्ता साफ दर्शा रही है कि आम आदमी पार्टी अभी मेच्योर नहीं हुई है। और मजेदार बात यह है कि पार्टी ने कैंडिडेट घोषित नहीं किये हैं, उसके बावजूद कुमार विश्वास स्वयंभू कमांडर बन गये हैं। यानी अब आम आदमी पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता जब चाहे खड़ा हो जाये और कह दे कि हमें राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ना है।
एक और बात यह कि बिन्नी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी का जनमत संग्रह एक दिखावा है, तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या वो अमेठी में कुमार विश्वास ने खुद को प्रत्याशी घोषित कर दिया है, क्या अब वहां जनमत संग्रह किया जायेगा, या फिर बिन्नी की बात को सही ठहराते हुए यह फैसला भी बंद कमरे में हो जायेगा?












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