'जब तक एक लाख युवा 5 बच्चे पैदा करने की शपथ नहीं लेते, आमरण अनशन नहीं तोड़ूंगा'

'जब तक एक लाख युवा मेरे पास आकर पांच-पांच बच्चे पैदा करने की शपथ नहीं लेगें, तब तक मेरा आमरण अनशन जारी रहेगा'

नई दिल्ली। बढ़ती जनसंख्या देश की बड़ी और गंभीर समस्याओं में से एक है। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर लोगों को जागरुक करने के लिए कई बार अभियान भी चलाए जाते हैं। हालांकि इन अभियानों के बावजूद जनसंख्या में किसी तरह की कोई कमी नहीं आ रही है। अब गाजियाबाद के एक संत ने जनसंख्या को लेकर एक अलग तरह की ही मांग उठा दी है। गाजियाबाद के डासना इलाके में स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर के महंत, स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। नरसिंहानंद की मांग है कि जब तक एक लाख युवा उनके पास आकर पांच-पांच बच्चे पैदा करने की शपथ नहीं लेगें, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

क्या है नरसिंहानंद की इस मांग की वजह

क्या है नरसिंहानंद की इस मांग की वजह

आपको भले ही स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती की यह मांग अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा कारण है। दरअसल, नरसिंहानंद सरस्वती इससे पहले भी जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं। उन्होंने मंदिर प्रांगण में ही जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर एक लंबा अनशन किया था। हालांकि उनकी मांग को लेकर सरकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हुई और उन्हें अपना अनशन तोड़ना पड़ा। अब नरसिंहानंद सरस्वती ने एक नए तरीके से जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए विरोध स्वरूप यह मांग उठाई है। नरसिंहानंद सरस्वती ने घोषणा की है कि उनका आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक एक लाख युवा मंदिर में आकर पांच-पांच बच्चे पैदा करने की शपथ नहीं लेते।

'ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें युवा'

'ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें युवा'

नरसिंहानंद सरस्वती ने इस मामले पर कहा, 'देश में अगर आज कोई हिंदू हितों की बात करता है तो उसे अपमानित किया जाता है, अलग-अलग तरीकों से प्रताड़ित किया जाता है। बिहार की बेगूसराय सीट से लोकसभा सांसद गिरिराज सिंह इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने जब-जब जनसंख्या नियंत्रण की बात कही, तब-तब उनका विरोध किया गया। हम लोग पिछले कई सालों से सरकार से मांग कर रहे हैं कि वो जनसंख्या नियंत्रण को लेकर एक कठोर कानून लेकर आए, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। मैं एक बार फिर आमरण अनशन कर रहा हूं लेकिन इस बार मेरी मांग सरकार से नहीं है। इस बार मेरी मांग युवाओं से है कि वो ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें। जब तक युवा मेरे सामने आकर इस मंदिर में प्रण नहीं लेंगे, मैं अपना अनशन नहीं तोड़ूंगा।'

कौन हैं यति नरसिंहानंद सरस्वती

कौन हैं यति नरसिंहानंद सरस्वती

स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती, गाजियाबाद के डासना इलाके में स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर के महंत हैं। नरसिंहानंद सरस्वती इससे पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में नाथूराम गोडसे को लेकर उठे विवाद के बीच उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट डालते हुए लिखा था, 'धर्म की रक्षा के लिए खुशी से अपने प्राण देने वाले अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन'। पिछले दिनों उन्होंने बुलंदशहर के स्याना में इंस्पेक्टर सुबोध हत्या मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को खून से चिट्ठी लिखकर भी भेजी थी। स्याना में गो-हत्या को लेकर हुए बवाल में इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।

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