मैं क्यों भाजपा छोड़ूं, पार्टी चाहे तो मुझे बाहर फेंक दे- यशवंत सिन्हा
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा अक्सर मोदी सरकार के खिलाफ बयान देने की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन यशवंत सिन्हा ने इन तमाम बगावती सुरों के बावजूद पार्टी छोड़ने से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने का मेरा कोई इरादा नहीं है, लेकिन उन्होंने साथ ही में यह कहा कि अगर पार्टी चाहे तो मुझे बाहर फेक सकती है। सिन्हा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की कई कोशिश कर चुके हैं और उन्होंने इस बाबत कई पत्र भी उन्हें लिखे हैं, लेकिन उन्हे कोई जवाब नहीं मिलता है।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि तमाम कोशिशों के बाद भी जब मुझे प्रधानमंत्री ने मुझे मिलने का समय नहीं दिया और मेरे पत्रों का जवाब नहीं दिया तो मुझे पॉलिटकल एक्शन ग्रुप राष्ट्र मंच बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मंच का एक मुख्य काम यह है कि एनडीए सरकार भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र को लगातार आगे पढ़ाती रहे और इसी पर अपना केंद्र रखे। उन्होंने कहा कि मैं आखिर क्यों भाजपा को छोड़ूं, मैंने 2004 से 2014 के बीच बहुत कड़ी मेहनत की है पार्टी के लिए जब यूपीए सरकार सत्ता में थी। पार्टी को अगर चाहती है तो उसे मुझे बाहर फेंकने दीजिए।
दरअसल जिस तरह से पूर्व वित्त मंत्री सिन्हा को इस बार के आम बजट से पूरी तरह से दूर रखा गया है उससे वह काफी नाराज हैं। यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री थे, उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की नीतियां भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र के आधार पर नहीं है, जो वायदे चुनाव के दौरान किए गए थए, उस लिहाज से सरकार की नीति अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल मंच मुख्य रूप से किसानों और राजनीति पार्टी से जुड़े लोगों को मंच देगा।












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