Wrestlers Protest: गंगा में पदक 'फेंकने' पर बृजभूषण का चौंकाने वाला बयान- "यह उनका स्टैंड, हम क्या करें?"
Wrestlers Protest: पहलवानों के गंगा में पदक फेंकने के आह्वान पर WFI प्रमुख का चौंकाने वाला बयान आया है। उन्होंने कहा, "यह उनका स्टैंड है, हम क्या कर सकते हैं?"

Wrestlers Protest लंबे समय से सुर्खियों में है। रेसलिंग फेडरेशन के प्रमुख बृजभूषण सिंह ने पहलवानों से जुड़े सवाल पर कहा, अगर वे अपने पदक गंगा में प्रवाहित करना चाहते हैं तो ये उनका फैसला है, वे कुछ नहीं कर सकते हैं।
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने मंगलवार को हरिद्वार में एकत्र हुए विरोध प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को जवाब दिया। छह बार के भाजपा सांसद बृजभूषण ने कहा, "इस मामले की दिल्ली पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।"
उन्होंने कहा, यदि आरोपों (पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए) में कोई सच्चाई है, तो गिरफ्तारी की जाएगी। बकौल WFI चीफ, "आज, वे अपने पदक गंगा में विसर्जित करने के लिए हरिद्वार गए थे। लेकिन बाद में, उन्होंने उन्हें टिकैत को सौंप दिया। यह उनका स्टैंड है, हम क्या कर सकते हैं?"
बता दें कि मंगलवार को हरिद्वार में जमा हुए विरोध प्रदर्शन करने वाले पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ विरोध का सख्त संदेश देते हुए अपने ओलंपिक पदक गंगा में फेंकने की चेतावनी दी। बृजभूषण पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
पहलवानों ने बाद में अधिकारियों को WFI प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पांच दिन का अल्टीमेटम जारी किया। यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर रेसलिंग फेडरेशन अध्यक्ष को हटाने और गिरफ्तारी की मांग कर रहे ओलंपियन बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगट मंगलवार को गंगा में अपने पदक विसर्जित करने के लिए हरिद्वार पहुंचे थे।
हरिद्वार में मेडल गंगा में प्रवाहित करने की चेतावनी से पहले पहलवानों ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "28 मई को जो कुछ भी हुआ, आपने देखा कि पुलिस ने हमारे साथ कैसा व्यवहार किया। कैसे पुलिस ने हमें गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा, हम शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे। हम जंतर मंतर से हटा दिए गए और अगले दिन गंभीर मामले और प्राथमिकी दर्ज की गई।" उन्होंने सवाल किया, क्या पहलवानों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के लिए न्याय मांगकर कोई अपराध किया है?
पहलवानों का आरोप है कि पुलिस और व्यवस्था हमारे साथ अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है, जबकि अत्याचारी खुलकर उपहास कर रहा है। वह खुले तौर पर POCSO कानून को बदलने की बात भी कर रहा है। बता दें कि बृजभूषण ने पॉक्सो अधिनियम के दुरुपयोग का जिक्र कर कानून बदलने की बात कही थी।
पहलवानों ने कहा, सिस्टम को अत्याचारी को गिरफ्तार करना चाहिए, लेकिन यह पीड़ित महिलाओं को अपना विरोध खत्म करने के लिए तोड़ने और डराने में लगा हुआ है।" उन्होंने निराशा जाहिक कर कहा, देश के लिए जो पदक जीते हैं, अब उनका कोई मतलब या महत्व नहीं रह गया है।
उन्होंने कहा, ये गंगा नदी के समान पवित्र हैं। ये पदक पूरे देश के लिए पवित्र हैं और पवित्र पदक रखने के लिए सही जगह पवित्र गंगा हो सकती है। पहलवानों ने कहा, पदक लौटाना हमारे लिए मौत से कम नहीं है, लेकिन हम अपने स्वाभिमान से समझौता करके कैसे जी सकते हैं?
भावुकता से भरे पोस्ट में पहलवानों ने कहा, हमने कड़ी मेहनत के बाद पदक अर्जित किए हैं। पदक हमारा जीवन है, हमारी आत्मा है। हम मरते दम तक इंडिया गेट पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा, सिस्टम स्वांग रचता है। हमारा फायदा उठाकर अत्याचारी के साथ खड़ा होता है।
बता दें कि रविवार को, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया के साथ विनेश फोगट और संगीता फोगट को दिल्ली पुलिस ने नए संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास करते हुए हिरासत में ले लिया, जहां उन्होंने प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। पुलिस के एक्शन पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है।












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