'लड़कियों के साथ कुछ भी हुआ तो...', बजरंग पुनिया का दावा- WFI के लोग केस वापस लेने के लिए दे रहे हैं पैसे
wrestlers protest: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में 28 अप्रैल को सुनवाई होगी।

wrestlers protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग को लेकर महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का आज 25 अप्रैल को तीसरा दिन है। दिग्गज पहलवान बजरंग पुनिया (Wrestler Bajrang Punia) ने इसी बीच गंभीर आरोप लगाए हैं।
ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया ने दावा किया है कि WFI के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह द्वारा कथित रूप से यौन शोषण का शिकार हुई एक नाबालिग सहित 7 महिला पहलवानों को पुलिस शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
बजरंग पुनिया ने दिल्ली के जंतर मंतर पर एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि डब्ल्यूएफआई के कुछ लोगों ने शिकायतकर्ताओं महिला पहलवानों से संपर्क किया है और उन्हें केस वापस लेने के लिए पैसों का ऑफर दिया है।
'शिकायत करने वाली लड़कियों पर डाला जा रहा है दबाव'
बजरंग पुनिया ने कहा, "मुझे नहीं पता कि यह कैसे हुआ लेकिन जिन लड़कियों ने शिकायत की है उन पर दबाव डाला जा रहा है। डब्ल्यूएफआई अधिकारी उनके घर जा रहे हैं और पैसे की पेशकश कर रहे हैं।"

अब यहां सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि जिन 7 महिलाओं ने बजरंग पुनिया पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, उन महिलाओं के नाम का खुलासा कैसे हुआ और उनके बारे में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अधिकारियों को कैसे पता चला।
'लड़कियों के साथ कुछ हुआ तो सरकार-पुलिस होगी जिम्मेदार'
बजरंग पुनिया ने इस बात पर चिंता जताते हुए कहा, ''अगर उन लड़कियों के साथ कुछ होता है, तो पुलिस और सरकार जिम्मेदार होगी। मुझे नहीं पता कि नामों का खुलासा कैसे किया गया।''

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- कोर्ट को तय करने दें..
इसी बीच भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कहा, ''जब मामला सुप्रीम कोर्ट के पास है तो क्यों बोलें? मामला अब सुप्रीम कोर्ट के पास है, कोर्ट को तय करने दें।''












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