Wrestler Protest: नाबालिग शिकायतकर्ता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज, लगाए थे यौन शोषण के आरोप
Wrestler Protest जारी है। इस बीच मजिस्ट्रेट के सामने नाबालिग पहलवान का बयान दर्ज करवाया गया।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन जारी है, जहां 7 महिला खिलाड़ियों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उसमें से एक का बयान दर्ज हुआ है।
मामले में दिल्ली पुलिस ने बताया कि सात महिला पहलवानों में से अकेली नाबालिग ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
वहीं एक पुलिस अधिकारी ने ये भी पुष्टि की कि WFI को एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें शिकायतकर्ताओं ने भाग लेने वाले टूर्नामेंट के कुछ दस्तावेज और अन्य जानकारी प्रदान करने को कहा गया। महिला पहलवानों ने आरोप लगाया था कि यौन उत्पीड़न की कुछ कथित घटनाएं उन टूर्नामेंटों में हुई हैं, जहां बृजभूषण भी मौजूद थे।
पुलिस ने पहले दर्ज किए थे बयान
अभी पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए, लेकिन ये अदालत में स्वीकार नहीं किए जाते, ऐसे में मजिस्ट्रेट के सामने उनको दर्ज करवाए जाने हैं।
दिल्ली पुलिस ने मामले से जुड़े 15 अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए। साथ ही ओलंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट हासिल की। मामले में एक अधिकारी ने कहा कि वैसे तो समिति की रिपोर्ट में पहलवानों के बयान थे, लेकिन उसे अलग से दर्ज करवा लिया गया, ताकि कोर्ट में दिक्कत ना हो।
राउज एवेन्यू कोर्ट में भी याचिका
वहीं दूसरी ओर पहलवानों की ओर से राउज एवेन्यू कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया केस
पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले में याचिका डाली थी। जिस पर दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की। पहलवान कोर्ट से बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, लेकिन वहां पर केस बंद कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि जिस मकसद से याचिका डाली गई थी, वो पूरी हुई। किसी अन्य मदद के लिए पहलवान निचली अदालत या फिर हाईकोर्ट जाएं।












Click it and Unblock the Notifications