पहलवान बजरंग पुनिया ने पद्मश्री पुरस्कार लौटाने का लिया फैसला, जानें क्या नियम में है ऐसा प्रावधान?
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष के रूप में बृज भूषण शरण सिंह के वफादार संजय सिंह के चुने जाने के बाद सियासत गरमा चुकी है। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया ने विरोध में पद्म श्री पुरस्कार लौटाने की पेशकश की है।
वहीं, पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती छोडने का ऐलान कर दिया है। लेकिन, सभी के जहन में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या ऐसा कोई नियम है कि पद्म पुरस्कार लौटाया जा सके? आइए जानते हैं क्या कहता है प्रावधान?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पद्म पुरस्कार के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। नियम में सिर्फ इतना बताया गया है कि बिना किसी आधार के पुरस्कार राष्ट्रपति रद्द नहीं कर सकते। इसके साथ ही जब तक राष्ट्रपति फैसला नहीं लें लेते, तब तक विजेता का नाम राष्ट्रपति के निर्देशानुसार बनाए गए पद्म प्राप्तकर्ताओं के रजिस्टर में बना रहता है। नियम में यह भी प्रावधान है कि राष्ट्रपति द्वारा कैंसिल करने के लिए गए फैसले को कैसे रोका जाए।
गटज या पुरस्कार विजेताओं की लिस्ट से हटता नाम
पद्म विभूषण, पद्म भूषण या पद्म श्री से सम्मानित व्यक्ति का नाम भारत के गजट में भी प्रकाशित होता है। इसके साथ ही पुरस्कार विजेताओं के रजिस्टर में भी लिखा जाता है। भले ही पुरस्कार विजेता बाद में पद्म पुरस्कार लौटाने की पेशकश करे, लेकिन उनका नाम नहीं हटता है।












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