ये हैं दुनिया की सबसे खतरनाक 5 प्राइवेट आर्मी, अमेरिका और रूस जैसे देश भी लेते हैं इनकी मदद
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ विद्रोह करने वाली वैगनर आर्मी के दुनियाभर में चर्चे हो रहे हैं। प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप का विद्रोह भले ही खत्म हो गया है, लेकिन पूरी दुनिया का ध्यान इस घटना ने खींचा है।
वैगनर के विद्रोह के बाद लोगों को दुनिया की इतनी शक्तिशाली प्राइवेट आर्मी के बारे में मालूम चला है। बता दें कि, वैगनर आर्मी दुनिया की इकलौती प्राइवेट आर्मी नहीं है। दुनिया में करीब एक दर्जन प्राइवेट आर्मी और सुरक्षा कंपनियां हैं। जो आर्मी जैसी ही ताकत रखती हैं।

ये सिक्योरिटी कंपनियां पैसों के बदले सुरक्षा मुहैया कराती हैं। ये निजी कंपनियां किसी भी देश में, किसी भी स्थिति में अपनी सेवाएं दे सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय पूरी दुनिया में निजी सेनाओं के पास 6.25 लाख से ज्यादा सैनिक या कर्मचारी हैं।

वैगनर आर्मी
वैगनर आर्मी दुनिया की सबसे ताकतवर और खतरनाक प्राइवेट आर्मी मानी जाती है। पुतिन के खास रहे येवगेनी प्रिगोझिन इस आर्मी के मुखिया हैं। विद्रोह से पहले यह आर्मी रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ रही थी। इस आर्मी में करीब 50-60 हजार ट्रेंड सैनिक हैं। जिनके पास अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद है। वह लीबिया, सीरिया, कई अफ्रीकी देशों जैसे देशों में भी काम कर रहे हैं। इस ग्रुप का नाम उसके पहले कमांडर, दिमित्री उत्किन के नाम पर पड़ा। उनका निकनेम वैगनर था, इसीलिए इस ग्रुप को वैगनर ग्रुप कहा जाता है।

एकेडमी (ब्लैकवाटर)
इसे दुनिया की सबसे एडवांस प्राइवेट आर्मी माना जाता है। ये एक अमेरिकी प्राइवेट मिलिट्री कॉन्टेक्टर हैं। इसे नेवी सील के एरिक प्रिंस ने गठित किया था। शुरू में यह अमेरिकी सरकार को अनुबंध पर सर्विस देती थी। बाद में यह अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी के साथ जुड़ गई। अमेरिकी विदेश विभाग के सुरक्षा गार्डों के लिए लगभग इस कंपनी को 2013 में $92 मिलियन का कॉन्ट्रेक्ट दिया गया था। इराक युद्ध के दौरान इसके कई कारनामें दुनिया के सामने आए थे। ये कंपनी मिडिल ईस्ट और जापान में अपनी सुविधाए दे रही है।
डेफियन इंटरनेशनल (Defion Internacional)
डेफियन इंटरनेशनल एक लीमा, पेरू स्थित निजी सैन्य कंपनी है। जो दुनिया भर में सेवाएं प्रदान करने के लिए सुरक्षा कर्मियों, रसद कर्मियों, प्रशासनिक कर्मियों और पेशेवर सेवा कर्मियों की भर्ती और प्रशिक्षण करती है। इसके कार्यालय दुबई, फिलीपींस, श्रीलंका और इराक में मौजूद हैं। उनका कॉन्ट्रेक्ट ट्रिपल कैनोपी, इंक. और इराक में युद्ध से जुड़े अमेरिकी विदेश विभाग के साथ रहा है। वे अपने अमेरिकी अनुबंधों के लिए अंग्रेजी प्रोफेसरों के साथ-साथ गार्ड फोर्स, रसद और प्रशासनिक पेशेवरों को नियुक्त करते हैं।

एजीस डिफेंस सर्विसेस
एजिस डिफेंस सर्विसेज के लगभग 5,000 सैनिक संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और कई तेल कंपनियों के साथ काम करते हैं। यह प्राइवेट मिलिट्री कॉन्ट्रेक्टर 2005 में सुर्खियों में आए थे। जब इनके सदस्यों की इराकी नागरिकों पर गोली चलाते वीडियो सामने आई थी। एजीस का मुख्यालय स्कॉटलैंड में है। कंपनी 60 से ज्यादा देशों में मिशन और ऑपरेशन कर चुकी है।

ट्रिपल कैनोपी
इराक में अमेरिकी सेना के जाने के बाद सुरक्षा संभालने वाली आठ भाड़े की कंपनियों में से एक ट्रिपल कैनोपी भी है। जिसके लगभग 1,800 सैनिक मौजूद हैं। इसके ज्यादातर सैनिक यूगांडा और पेरू से हैं। इसके पास फिलहाल 1.5 बिलियन डॉलर्स का कॉन्ट्रैक्ट है। हैती में यह कंपनी अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा में लगी है। वहां के अधिकारियों के निजी सुरक्षा में लगी है।
ट्रिपल कैनोपी दुनिया भर में मिशन सपोर्ट और एकीकृत सुरक्षा सेवाएँ प्रदान करने वाली कंपनी है। ट्रिपल कैनोपी एक कॉन्स्टेलिस कंपनी है। ये दुनिया भर में जटिल जोखिम प्रबंधन और परिचालन सहायता सेवाओं का अग्रणी प्रदाता है। यह कॉन्सटेलिस कंपनी का हिस्सा है, जिसमें एकेडेमी, ऑलिव ग्रुप, एडिनबर्ग इंटरनेशनल, स्ट्रैटेजिक सोशल जैसी सिक्योरिटी कंपनियां भी शामिल हैं।
फोटो सोर्स: ट्रिपल कैनोपी फेसबुक/सोशल मीडिया












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