राजनीति में आने से परहेज कर रहीं उत्तर प्रदेश की महिलाएं

लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में 17 अप्रैल को होने वाले मतदान में जहां कुल उम्मीदवारों में 91.2 प्रतिशत पुरुष हैं, वहीं 8.8 प्रतिशत महिलाएं भी मैदान में हैं। इस चरण के तहत 147 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 13 महिलाएं हैं।
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इस चरण के तहत मतदान में उतरे 150 प्रत्याशियों में से मिले 147 उम्मीदवारों के आकड़े बताते हैं कि एक प्रत्याशी के अलावा सभी शिक्षित हैं। चुनावी मैदान में उतरे 26 प्रत्याशी स्नातकोत्तर हैं, 28 प्रत्याशी स्नातक, 18 ग्रेजुएट प्रोफेशनल और एक प्रत्याशी डाक्टरेट है। इसी प्रकार 13 प्रत्याशी कक्षा आठवीं पास, 18 उम्मीदवार 10वीं पास, 18 प्रत्याशी इंटर पास और तीन पांचवीं पास हैं। वहीं एक उम्मीदवार निरक्षर है। हालांकि आठ उम्मीदवारों ने अपनी शिक्षा का ब्यौरा नहीं दिया है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोर्म्स (एडीआर) के आंकड़े बताते हैं कि इस चरण के तहत 147 प्रत्याशियों में 13 (8.8 प्रतिशत) महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं, जिनमें पीलीभीत से मेनका गांधी, आंवला से बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) उम्मीदवार सुनीता शाक्य, मुरादाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी बेगम नूर बानो प्रमुख हैं।
इसी प्रकार बरेली से समाजवादी पार्टी उम्मीदवार आयशा इस्लाम, शाहजहांपुर से भाजपा की कृष्णा राज, पीलीभीत से पीस पार्टी की नीलिमा शर्मा, शाहजहांपुर से पीस पार्टी की सुनीता सुजाता नागराज और आप की उम्मीदवार रीता सिंह उर्फ रीता भारती हैं। वहीं नागीना से आप की ही सारिका, संभल से संयुक्त समाजवादी दल की रेखादेवी यादव, कांग्रेस की रामेश्वरी, बदायूं से राष्ट्रीय समता दल की रीना और खीरी से सीपीआई-एमएल उम्मीदवार कृष्णा राज हैं।












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