Women Reservation Bill: स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर बोला हमला, कहा- धर्म के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था नहीं
केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को संसद में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था। आज उस बिल पर निचले सदन में बहस हो रही है। महिला आरक्षण बिल पर बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि, उनकी पार्टी ने महिलाओं को आरक्षण दिया है। हमने मजबूत बिल सदन में रखा है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लक्ष्मी ने संवैधानिक स्वरूप ले लिया है। साधारण परिवार की महिलाओं को मौका मिलने वाला है। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि जनसंघ ने महिलाओं के लिए संवैधानिक गारंटी की मांग की थी। पिछली सरकार बिल पास करने में नाकाम रही।

वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव की मांग का केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जवाब देते हुए कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि आज लोग कह रहे हैं कि उनके चिट्ठियां लिखने के कारण यह काम हुआ। इससे साबित होता है कि उन्होंने स्वीकार किया है कि वह पक्षपात करते रहे, लेकिन मोदी सरकार ने बड़ा दिल दिखाकर आपके हर कम्युनिकेशन को पढ़ा और चर्चा की।
स्मृति ईरानी ने कहा कि 2014 से मोदी सरकार लगातार महिला उत्थान का काम कर रही है। वंचित महिलाओं को अधिकार की गारंटी सरकार की ओर से दी जा रही है। उन्होंने कहा के संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है। विपक्ष भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण असंवैधानिक है। महिला सशक्तिकरण में विपक्ष को रोड़ा नहीं बनना चाहिए।
मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि, जब यह बिल लाया गया, तो कुछ लोगों ने कहा कि यह "हमारा बिल" है। प्रस्तावित बिल के एक लेख में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि तीसरे आम चुनाव में SC/ST की महिलाओं के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं होगी, लेकिन इस सरकार द्वारा लाया गया बिल इस बिल के लागू होने के 15 साल बाद तक महिलाओं को आरक्षण की गारंटी देता है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि, सफलता के कई पिता होते हैं, असफलता का कोई नहीं। कल जब सदन में यह विधेयक आया तो कई लोगों ने इसे अपनी राजनीतिक विरासत बताया। हमको बार-बार बताया गया कि एक परिवार ने 73वां, 74वां संविधान संशोधन पारित कराया। वह काम पीवी नरसिम्हा राव जी ने किया जिनके मरने के बाद उनके ही पार्टी हेडक्वार्टर में उनको नमन करने का मौका नहीं दिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्र की महिलाओं के संवैधानिक विकास में आप रोड़ा न बनें, तो राष्ट्र कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इसे जुमला कहा, कहा कि हम चिट्ठियां लिख रहे थे, इसलिए काम हुआ। वे ये बता रहे हैं कि आज देश में ऐसा पीएम है, आप उनके साथ पक्षपात करते रहे, इसके बावजूद उन्होंने आपके पत्र को पढ़ा, चर्चा की और संज्ञान लिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, हमने महिलाओं को गिनने लायक बना दिया है। और अब समय आ गया है कि आप आगे आएं, और अपने शब्दों को केवल कागजों या भाषण तक ही सीमित न रखें, बल्कि कार्रवाई के साथ बोलें और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करें।












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