'सपा MP का कॉलर पकड़ने दौड़ीं सोनिया गांधी, हमने किसी तरह बचाया', निशिकांत दुबे ने क्यों सुनाया 2012 का किस्सा
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में चर्चा हो रही है। इस बीच बुधवार को कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने इसे तुरंत लागू करने की मांग की। साथ ही जातीय जनगणना करवाकर इसमें एससी-एसटी और ओबीसी को आरक्षण देने को भी कहा। उनके बयान के बाद सदन में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उन पर पलटवार किया।
निशिकांत दुबे ने कहा कि आप कह रहीं कि आपकी वजह से निकाय चुनावों में महिला आरक्षण लागू हो पाया, तो आप बताइए कि उसमें ओबीसी महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। संविधान के आर्टिकल 243 डी और टी में ओबीसी की बात नहीं है। उनकी सरकार संविधान के अनुसार ही ये बिल ला रही।

उन्होंने अपने भाषण के दौरान 2012 की घटना का भी जिक्र किया। दुबे ने कहा कि नारायणसामी सदन में बिल की कापी पढ़ रहे थे, लेकिन सपा के सांसद यशवीर सिंह वहां पहुंचे और कापी को उनके हाथ से छीनकर फाड़ दिया। जिस पर सोनिया गांधी भड़क गईं। वो यशवीर सिंह का कॉलर पकड़ने जा रही थीं।
उस घटना का भी हमने विरोध किया था। हमने कहा था कि आप (सोनिया) रानी नहीं हैं। आप ऐसा बिल्कुल भी नहीं कर सकतीं। उस वक्त बीजेपी सांसदों ने सपा सांसद को बचाया था। ये बात खुद मुलायम सिंह मान चुके थे। आज यही सारे दल मिलकर एक हो रहे और घमंडिया गठबंधन बनाया है।
वैसे तो सपा, आरजेडी जैसी पार्टियां साफतौर पर महिला आरक्षण का विरोध तो नहीं कर रही थीं, लेकिन उन्होंने मंगलवार शाम को इसमें ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण देने की मांग कर डाली। साथ ही उस आधार पर सरकार को घेरा। उन पर भी दुबे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा-आरजेडी जैसी पार्टियां नहीं चाहती हैं कि महिलाओं को आरक्षण मिले, इस वजह से वो ऐसा कर रहीं।
विपक्ष को अमित शाह ने भी दिया जवाब
वहीं जब महिला आरक्षण पर निशिकांत दुबे बोलने के लिए खड़े हुए, तो विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनको इस बात पर आपत्ति थी कि महिलाओं के मुद्दे पर पुरुष सांसद क्यों बोल रहे। इस पर अमित शाह ने भी मोर्चा संभाला। वो खड़े हुए और पूछा कि क्या महिलाओं के हक की चिंता करना पुरुषों का काम नहीं है? इसके बाद विपक्षी दल शांत हुए और निशिकांत दुबे ने अपनी बात रखी।
सोनिया गांधी ने क्या-क्या कहा?
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सदन में इसे तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आखिर कितने दिनों तक महिलाएं अपने हक का इंतजार करें। इसके साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना करवाकर एससी-एससी और ओबीसी को उचित आरक्षण देने को कहा।












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