महिला ने पिता की जॉब एप्लीकेशन के साथ शेयर की उनकी दोस्ती की कहानी, हो रही वायरल
नई दिल्ली, 11 अगस्त। हम सबकी जिंदगी में एक ऐसा दोस्त जरूर होता है या हर अच्छे या बुरे हालात में हमारे साथ रहता है। ऐसा दोस्त जो हर हाल में और समय हमारी मदद के लिए खड़ा रहता है। कुछ ऐसे भी होते हैं जिनकी नौकरी पाने के पीछे भी दोस्त का बड़ा हाथ होता है। दोस्ती की एक ऐसी ही कहानी सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है। लिंक्डइन पर शेयर हो रही इस कहानी को रवीना मोरे नाम की एक महिला ने शेयर किया है और बताया कि कैसे वर्ष 1985 में उनके पिता को नौकरी पाने में उनके दोस्त ने मदद की थी।

पिता के सबसे अच्छे दोस्त ने लिखी उनकी जॉब एप्लीकेशन
रवीना ने अपने पिता की जॉब अप्लीकेशन को साझा किया है और बताया कि इस आवेदन को उनके पिता के सबसे अच्छे दोस्त ने लिखा था। साथ ही उन्होंने आज से लगभग 37 साल पहले इस वाकये की दिलचस्प स्टोरी भी बयां कि कैसे उनके पिता के जिगरी दोस्त ने उनकी नौकरी के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ी' थी।

वो कैंपस प्लेसमेंट का जमाना नहीं था
लिंक्डइन पर लिखी गई पोस्ट में रवीना ने लिखा कि उनके पिता ने 80 के दशक में स्नातक की उपाधि हासिल की थी। ये वो दौर था जब कैंपस प्लेसमेंट जैसी चीज नहीं थी या फिर थी भी तो बहुत आम नहीं थी। ऐसे में एक फ्रेशर को नौकरी शुरू करने के लिए आवेदन लिखकर दफ्तरों में भेजना पड़ता था। रवीना ने बताया ऐसे दौर में उनके पिता के सबसे अच्छे दोस्त प्रकाश चाचा तारणहार बन गए।

प्रकाश चाचा की अंग्रेजी थी बढ़िया
रवीना ने बताया कि प्रकाश चाचा की अंग्रेजी बहुत बढ़िया थी और उतनी ही बढ़िया उनकी लिखावट। बस क्या था पापा के सारे नौकरी के आवेदन लिखने का काम उनके दोस्त प्रकाश ने किया। यही नहीं इंटरव्यू की तैयारी भी प्रकाश अंकल ने कराई। रवीना ने यह भी बताया कि इतनी मदद के बाद भी पिता जी गलतियां कर देते थे। कई बार तो उन्होंने गलत कंपनी को आवेदन भेज दिया। लेकिन इसके बावजूद उनके दोस्त प्रकाश उनका हौसला बढ़ाते और आगे की तैयारी में जुट जाते।

पिता के दोस्त को कहा शुक्रिया
रवीना ने पोस्ट के माध्यम से प्रकाश अंकल को उनकी कोशिशों के लिए धन्यवाद भी दिया जिसके चलते आज उनके पिता अच्छा करियर पूरा करके अगले सप्ताह रिटायर हो रहे हैं। महिला ने यह भी बताया कि प्रकाश अंकल आज भी उनके पिता के सबसे अच्छे दोस्त हैं।












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