हिंदी-अंग्रेजी न समझने वाली महिला को फ्लाइट में सीट से उठने को किया मजबूर, ट्विटर पर छिड़ा 'भाषा वार'
एक महिला कुछ दिन पहले हवाई यात्रा की थी। इस दौरान जब उनसे किसी अन्य महिला ने सीट बदलने के लिए कहा तो उन्हें वो भाषा समझ नहीं आई। एक ट्विटर यूजर ने इसकी जानकारी दी तो यह पोस्ट वायरल हो गया।
नई दिल्ली, 20 सितंबर: एक महिला कुछ दिन पहले हवाई यात्रा की थी। इस दौरान जब उनसे किसी अन्य महिला ने सीट बदलने के लिए कहा तो उन्हें वो भाषा समझ नहीं आई। एक ट्विटर यूजर ने इसकी जानकारी दी तो यह पोस्ट वायरल हो गया। ट्वीट कर उन्होंने बताया कि उस महिला को न तो हिंदी और न ही अंग्रेजी समझ आती थी। यह पूरी घटना इंडिगो फ्लाइट में हुई है।

वह तेलुगु जानती थी
ट्विटर यूजर देवस्मिता चक्रवर्ती ने बताया कि एक महिला को इंडिगो की फ्लाइट में अपनी सीट से हटने के लिए कहा गया, तो उसे न तो हिंदी और न ही अंग्रेजी समझ आई। क्योंकि वह केवल तेलुगु जानती थी।

सुरक्षा निर्देश सभी भाषाओं में उपलब्ध होने चाहिए
अटेंडेंट ने कहा कि आंध्र प्रदेश से तेलंगाना के लिए फ्लाइट में तेलुगु में कोई निर्देश नहीं है। यह सेफ्टी का मुद्दा है कि वह अंग्रेजी या हिंदी नहीं समझती है। अगर दुखी हैं, तो हमें शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा महिला ने कहा कि सुरक्षा निर्देश सभी भाषाओं में उपलब्ध होने चाहिए।

ज्योतिरादित्य सिंधिया से की ये मांग
मैं इसे व्यवस्थित स्तर पर हल करने के लिए आपसे उम्मीद कर रही हूं। चक्रवर्ती ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करते हुए लिखा। सुरक्षा निर्देश सभी भाषाओं में उपलब्ध होने चाहिए। आवश्यकता के अनुसार उपयोग किए जाने चाहिए। न सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी में ही सुरक्षा निर्देश हो।

यह सुरक्षा विशेषता है
इसके बाद ट्विटर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रिया देने लगे। एक यूजर ने लिखा कि अंग्रेजी विमानन के लिए एकमात्र विश्वव्यापी भाषा है। दुनिया में कहीं भी हर पायलट, ट्रैफिक कंट्रोलर, स्टीवर्ड आदि को अंग्रेजी में संवाद करने की जरूरत है। यह भाषाई भेदभाव नहीं है, यह एक सुरक्षा विशेषता है।

केटी रमाराव ने कही बड़ी बात
इस बीच एक अन्य ने दावा किया कि क्षमा करें, लेकिन यह भेदभाव नहीं है। यह एक सुरक्षा विशेषता है। तेलंगाना आईटी एंड इंडस्ट्रीज केटी रामाराव ने चक्रवर्ती के ट्वीट का जवाब दिया। उन्होंने इंडिगो को टैग करते हुए लिखा कि मैं आपसे स्थानीय भाषाओं और यात्रियों का सम्मान करना शुरू करने का अनुरोध करता हूं जो अंग्रेजी या हिंदी में अच्छी तरह से नहीं जानते हैं। क्षेत्रीय मार्गों में अधिक कर्मचारियों की भर्ती करें जो स्थानीय भाषा जैसे तेलुगु, तमिल, कन्नड़ आदि बोल सकते हैं।
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