संसद में चीन पर हंगामे के बाद विपक्ष का वॉकआउट, खड़गे का आरोप- चर्चा से भाग रही सरकार
China border dispute: चीन को लेकर बुधवार को भी संसद में हंगामा हुआ, जहां विपक्षी दलों ने वॉकआउट कर दिया।

संसद का शीतकालीन सत्र जारी है, जहां बुधवार को चीन के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दल लगातार सरकार से सदन में चर्चा की मांग कर रहे थे, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर रहा है। इस मुद्दे पर हम चर्चा नहीं करेंगे तो और क्या चर्चा करेंगे? हम सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने चीन के साथ सीमा की स्थिति पर चर्चा के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया, लेकिन चर्चा नहीं हुई। इस पर खड़गे ने कहा कि चीन लगातार सीमा पर साजिश रच रहा है। उनके नेता जब चर्चा का नोटिस देते हैं, तो सीधे तौर पर उससे इनकार कर दिया जाता है। इससे सदन के बाहर ऐसा मैसेज जा रहा है, मानो विपक्षी सदस्यों को नियमों की जानकारी नहीं है। चीन पर चर्चा बहुत जरूरी है, क्योंकि ये देश की सुरक्षा का सवाल है।
वहीं दूसरी ओर लोकसभा में कश्मीर पंडितों का मुद्दा उठा। लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आज कश्मीरी पंडित कश्मीर छोड़ रहे हैं। आतंकी कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने के लिए उनके नामों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। ऐसे में सदन में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा नॉर्थ ईस्ट नजरअंदाज करने की वजह से वो पीछे रहा। उन्होंने बांटो और राज करो नीति को अपना कर वहां कई समस्याओं को खड़ा किया। सभी का मानना है कि PM ने ही आज नॉर्थ ईस्ट को विकास के रास्ते पर लेकर जाने के लिए निष्ठापूर्वक काम किया है।
9 दिसंबर से चल रहा विवाद
लद्दाख में दो-तीन सालों से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन 9 दिसंबर को चीनी सैनिकों ने अरुणाचल के तवांग में घुसपैठ की कोशिश की। हालांकि भारतीय सेना ने उसे नाकाम कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि चीन अरुणाचल में साजिश रच रहा, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही।












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