उत्तराखंड में हरीश रावत रहेंगे या जायेंगे, बागियों के चलते कुर्सी पर घमासान
देहरादून। बामुश्किल उत्तराखंड में सत्ता में आयी कांग्रेस के लिए काफी मुश्किलें बढ़ गई है क्योंकि बागियों के चलते हरीश रावत सरकार संकट में आ गई है। वित्तविधायक पर चल रहे विरोध पर कांग्रेस के नौ सांसदों ने अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और ये मोर्चा उस समय और प्रखर हो गया जिस समय हरक सिंह रावत ने शुक्रवार देर रात मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
हरक सिंह रावत ने राज्यपाल के. के. पॉल से मुलाकात कर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। सारे बागी विधायक आज सुबह ही दिल्ली चार्टर प्लेन से पहुंचे हैं। वैसें जहां कांग्रेस के बागियों ने अपनी ही सरकार को खतरे में डाल दिया है वहीं दूसरी ओर बीजेपी खेमा सरकार बनाने में जुट गया है। इस समय बीजेपी की बैठक दिल्ली में हो रही है जहां आगे की रणनीति तय की जा रही है।
वित्तविधायक के चलते हरीश रावत सरकार खतरे में
आपको बता दें कि जिन कांग्रेसियों ने बगावत दिखायी हैं उनके नाम है हरक सिंह रावत, उमेश शर्मा काउ, सुबोध उनियाल, कुंवर प्रणव सिंह, भाजपा नेता सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत, शैलेन्द्र सिंघल, विजय बहुगुणा, शैला रानी रावत और प्रदीप बत्रा शामिल हैं।
प्रदेश के हित के लिए किसी का दवाब नहीं सहेंगे
इसी बीच सीएम हरीश रावत ने कहा है कि वो प्रदेश के हित के लिए किसी का दवाब नहीं सहेंगे, उनके पास बहुमत है और वो इसे साबित कर सकते हैं। अगर अभी भी बागी विधायक गलती मानकर माफी मांग ले तो उन्हें माफ किया जा सकता है। मैं इस्तीफा तभी दूंगा जब मैं सदन में फेल हो जाऊंगा।













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