दिल्ली में हर दिन खोली शराब की नई दुकान, पंजाब को उड़ने से कैसे रोकेंगे केजरीवाल?
नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इन दिनों दिल्ली से ज्यादा पंजाब की फिक्र है। उन्होंने कहा है कि अगर पंजाब में उनकी सरकार बनी तो वो अमृतसर और आनंदपुर के आसपास के धार्मिक स्थानों को शराब और मांस मुक्त कर देंगे। लेकिन शायद वो ये भूल गए हैं कि दिल्ली में शराब और ड्रग्स पंजाब से भी बड़ी समस्या है।

दिल्ली में तमाम इलाकों में सड़क के किनारे खुलेआम ड्रग्स लेते लोगों को देखा जा सकता है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं और बच्चों की होती है। केजरीवाल ने जबसे दिल्ली की बागडोर संभाली है दिल्ली में शराब की बिक्री में इजाफा हुआ है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या केजरीवाल पंजाब को शराब मुक्त बना पाएंगे?
केजरीवाल सरकार में शराब की बिक्री बढ़ी
आरटीआई के तहत जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक दिल्ली की सत्ता में आने के केजरीवाल की सरकार ने 399 शराब के नए लाइसेंस दिए। यानि कि लगभर हर दिन दिल्ली में शराब की एक नयी दुकान खुली। पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक सिर्फ शराब की एक्साइज ड्यूटी से दिल्ली सरकार ने 30 प्रतिशत यानी कि 3162 करोड रुपए कमाए।
प्रशांत भूषण ने भी उठाया था मुद्दा
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और प्रसिद्ध वकील प्रशात भूषण ने भी इस संबंध में केजरीवाल पर हमला बोला था। उन्होंने केजरीवाल पर शराब माफिया को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्वीटर पर प्रशांत भूषण ने लिखा था कि ''अरविंद केजरीवाल पंजाब को नशा मुक्त करने की बात करते हैं लेकिन दिल्ली में शराब की बिक्री दोगुनी हो गई है और लोगों के विरोध के बावजूद दिल्ली में शराब की दुकान में लगातार खोली जा रही हैं'' ।












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