क्या महाराष्ट्र में लागू होगा नागरिकता संशोधन कानून, संजय राउत ने दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि राजनीतिक पार्टीयों में भी विरोध जारी है। मंगलवार को नागरिकता कानून के विरोध में विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल शाम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचा। जब शिवसेना नेता संजय राउत से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होगी? तो इस पर उन्होंने साफ इनकार कर दिया। संजय राउत ने कहा उन्हें इस बात की जानकीर नहीं है, शिवसेना इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं है।

इसके अलावा संजय राउत से महाराष्ट्र में नागरिकता संशोधन एक्ट लागू करने को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में यह कानून लागू होगा या नहीं, हमारे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कैबिनेट की बैठक में इस बारे में फैसला करेंगे। बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार शाम राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।
दुविधा में शिवसेना
हालांकि शिवसेना अभी तक नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अपना रुख साफ नहीं कर सकी है। पार्टी का कहना है कि कानून के कुछ पहलुओं पर सरकार ने राय स्पष्ट नहीं की है और हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया है। पार्टी के नेता संजय राउत ने कहा कि इस कानून को लेकर जो भी निर्णय लेना है वह पार्टी मुखिया उद्धव ठाकरे ही लेंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक में इस बाबत फैसला लिया जाएगा कि इस कानून को प्रदेश में लागू करना है या नहीं।
दिल्ली में हुआ कानून का विरोध
बता दें कि रविवार को नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। जामिया के छात्रों ने भी इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया, लेकिन यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस को इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी, पुलिस ने छात्रों पर लाठियां भांजी, आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ तमाम छात्रों ने मोर्चा खोल दिया और रविवार देर रात पुलिस मुख्यालय को घेर लिया।












Click it and Unblock the Notifications