Bangladesh: शेख हसीना का अगला ठिकाना होगा ब्रिटेन? जयशंकर और UK के विदेश सचिव के बीच फोन पर हुई बात
Sheikh Hasina News: बांग्लादेश में 5 अगस्त को शेख हसीना सरकार का तख्तापलट होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत की शरण में हैं। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद चल रही हिंसा और उथल-पुथल के बीच बार-बार ये सवाल उठ रहा है कि क्या शेख हसीना को भारत राजनीति शरण देगा? वहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ब्रिटेन में शरण मांगने की अटकलें भी लगाई जा रही है।
इस सबके बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी से वार्ता की है। जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या अब शेख हसीना का अगला ठिकाना बिट्रेन होगा? जानिए विदेश मंत्रालय ने इस बारे में क्या कहा?

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बात की पुष्टि की है कि जयशंकर और लैमी ने बांग्लादेश और पश्चिम एशिया की घटनाओं के बारे में बातचीत की।
शेख हसीना भारत के बाद ब्रिट्रेन में लेंगी शरण?
इस दौरान दोनों के बीच बांग्लादेश में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच हसीना की सरकार के पतन और वहां पर फैली हिंसा पर बातचीत हुई। हालांकि, न तो भारत और न ही ब्रिटेन ने हसीना की भविष्य की योजनाओं पर कोई टिप्पणी की है।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के सूत्रों ने संकेत दिया कि उनके आव्रजन नियम विशेष रूप से व्यक्तियों को शरण लेने के लिए ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति नहीं देते हैं।
राजनीतिक शरण की अटकलें
बता दें शेख हसीना इस समय भारत में हैं और अटकलें लगाई जा रही है कि वो लंदन जाने की योजना बना रही हैं, जहां उनकी बहन शेख रेहाना की बेटी ट्यूलिप सिद्दीक ब्रिटिश संसद की सदस्य हैं।
क्या भारत देगा शेख हसीना को राजनीतिक शरण?
वहीं इस सप्ताह की शुरुआत में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने संसद में स्पष्ट किया कि हसीना ने बहुत ही शाट्र नोटिस पर "फिलहाल" भारत आने की अनुमति मांगी थी जो भारत ने दी थी।
बांग्लादेश में कैसे हुआ शेख हसीना सरकार का तख्तापटल?
सरकारी नौकरियों के लिए विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश अराजकता में डूब गया है। अशांति के कारण 550 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं। हसीना की सरकार के गिरने से स्थिति और भी खराब हो गई है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर लूटपाट और दंगे हुए हैं।
अल्पसंख्यकों पर हो रहा अत्याचार
भारत बांग्लादेश में हिंदुओं के घरों और मंदिरों पर हो रहे हमलों को लेकर खास तौर पर चिंतित है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जयसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में विभिन्न समूह और संगठन अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा करना हर सरकार की जिम्मेदारी है। जायसवाल ने कहा "हमें बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की जल्द बहाली की उम्मीद है।" "यह देश और पूरे क्षेत्र के हित में है।
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भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापसी
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि बांग्लादेश में करीब 10,000 भारतीय रह गए हैं, जिनमें से कई भारत लौटने में सहायता के लिए उच्चायोग से संपर्क कर रहे हैं। ढाका स्थित उच्चायोग, चटगांव, राजशाही, खुलना और सिलहट स्थित वाणिज्य दूतावासों के साथ मिलकर भारतीय नागरिकों को स्वदेश लौटने में सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। जायसवाल ने आश्वासन दिया कि वे भारतीय मिशनों और राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।












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