• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

भारत में कोरोना की दूसरी लहर क्यों ज्यादा खतरनाक हो चुकी है, एक्सपर्ट की सुनिए

|

नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 1,26,789 नए केस सामने आए हैं, जो आजतक का रिकॉर्ड है। इस दौरान कोरोना से 685 लोंगों की मौत भी हुई है और इस समय भारत में कुल ऐक्टिव केस बढ़कर 9,10,319 हो चुके हैं। अकेले महाराष्ट्र में एक दिन में 59,907 नए केस और 322 मौत देखने को मिले हैं। छत्तीसगढ़, दिल्ली और यूपी में भी आंकड़ों में अचानक उछाल देखा जा रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर पिछले साल वाली लहर से पूरी तरह से अलग है और यह काफी खतरनाक शक्ल अख्तियार कर चुकी है, इसीलिए सावधानियां ही बचाव हैं।

नए और खतरनाक वैरिएंट बहुत बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं

नए और खतरनाक वैरिएंट बहुत बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं

ईटी ने येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में एसोशिएट प्रोफेसर ऑफ मेडिसिन एंड एपिडेमियोलॉजी और येल मेडिसिन इंफेक्सियस डिजीज स्पेशलिस्ट मनीषा जुथानी के हवाले से बताया है कि कोरोना के मामलों अचानक हुआ तेजी से इजाफा बहुत ही चिंताजनक है। उनके मुताबिक सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि कोविड के नए वैरिएंट भारत की बहुत बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ वैरिएंट तो बहुत ही ज्यादा संक्रामक और जानलेवा माने जा रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले मुंबई और महाराष्ट्र में देखे जा रहे हैं, जिससे लगता है कि यह वहां पहुंच रहे लोंगों के जरिए जा रहे हैं, जो तेजी से बहुत बड़ी आबादी को अपनी गिरफ्त में ले रहा है।

    Corona Update India: CMs के साथ मीटिंग में क्या बोले PM Modi, जानें बड़ी बातें | वनइंडिया हिंदी
    डबल म्युटेंट वैरिएंट से निगेटिव रिपोर्ट

    डबल म्युटेंट वैरिएंट से निगेटिव रिपोर्ट

    भारत में पूरी दुनिया की नई वैरिएंट पाई गई है। भारत में 'डबल म्युटेंट वैरिएंट' चिंता की बड़ी वजह है, जो सैन फ्रांसिस्को में भी देखी गई है। उनके मुताबिक वो भारत में ऐसे कई लोगों को जानती हैं, जिनमें क्लिनिकली कोविड के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन उनका कोविड टेस्ट निगेटिव आ रहा है। कई तो ऐसे मामले हैं, जिसमें परिवार के एक सदस्य का टेस्ट पॉजिटिव आया है और बाकी का निगेटिव है, जबकि सबमें लक्षण सामान्य हैं। हो सकता है कि यह म्युटेंट वैरिएंट के फैलने की वजह से हो रहा है, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव रिपोर्ट (गलत) आ रही हैं।

    वायरस का तेजी से संक्रमण

    वायरस का तेजी से संक्रमण

    उनके मुताबिक हम इस वायरस के बारे में पिछले एक साल से जान रहे हैं, जो कि सांस से जुड़े दूसरे सीजनल वायरस से अलग है। इसके संक्रमण का ज्यादातर डर बंद कमरों में है। ठंड के महीनों में लोग सर्दी से बचने के लिए बंद जगहों पर जुटते हैं तो यह तेजी से फैलता है। गर्म स्थानों पर लोग ज्यादा तापमान से बचने के लिए बंद जगहों पर जुटते हैं, जिससे इसका संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। यही नहीं हीटिंग या एयर कंडिशनिंग से वायरल पार्किल्स को दूर तक फैलने में और मदद मिलती है।

    सावधानियां ही बचाव हैं

    सावधानियां ही बचाव हैं

    पूरी दुनिया में देखा गया है कि जब लोग मास्क लगाते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं तो केस नियंत्रित होने लगते हैं। दुनियाभर में संक्रमण को कंट्रोल करने में लॉकडाउन एक प्रभावी कदम के तौर पर देखा गया है। क्योंकि, केस बहुत ही ज्यादा तेजी से बढ़ने लगे हैं, इसलिए अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और उसे व्यवस्थित करने और ज्यादा से ज्यादा पाबंदियां लगाने की जरूरत पड़ सकती।

    इसे भी पढ़ें- 26 केंद्रों पर वैक्सीन खत्म, महाराष्ट्र ने कहा- हमसे ज्यादा टीके गुजरात, यूपी और एमपी को दे रहा केंद्र

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Expert believes that the second wave of Covid in India is completely different from the wave of last year and it has taken a very dangerous turn
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X