नरेंद्र मोदी सरकार में हरियाणा से इतने मंत्री क्यों
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला) छोटे से हरिय़ाणा से मोदी सरकार में 7 मंत्री होने जा रहे हैं। दरअसल हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए 5 दिसंबर को उपचुनाव होना है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और सुरेश प्रभु का चुना जाना तय है क्योंकि भाजपा को विधानसभा चुनावों में पर्याप्त सीटें मिली हैं,जिसके चलते इन दोनों का राज्य सभा के लिए चुना जाना औपचारिकता है।

हरिय़ाणा से 7 मंत्री
दरअसल चौधरी बीरेंद्र सिंह और सुरेश प्रभु के राज्यसभा में जाने के बाद हरियाणा से केंद्र में मंत्रियों की संख्या 7 हो जाएगी। इनमें सुरेश प्रभु के अलावा सभी हरियाणा मूल के हैं। बीरेंद्र सिंह के केबिनेट मंत्री बनने से पहले गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत सिंह और फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर केंद्र में राज्य मंत्री हैं।
सुषमा भी हरियाणावी
सुषमा स्वराज विदेश मंत्री हैं। वह भी हरिय़ाणा से आती हैं, पर वे लोकसभा का चुनाव विदिशा सीट से जीती हैं। गाजियाबाद सीट से लोकसभा पहुंचे वीके सिंह भिवानी से संबंध रखते हैं। वे केंद्र में राज्य मंत्री हैं। उर्जा मंत्री पीयूष गोयल भी मूल रूप से हरियाणा से हैं।उनके पुरखे मुंबई में जाकर बस गए थे।
जानकारों का कहना है कि छोटे से हरिय़ाणा से इतने मंत्रियों को केन्द्र सरकार में मंत्री होना हैरान करता है । हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सात में से कुछ मंत्री तो अन्य सूबों से लोकसभा या राज्यसभा के लिए चुने गए।












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