O Panneerselvam Exits NDA: पन्नीरसेल्वम ने क्यों लिया NDA से किनारा? जानें OPS का सियासी सफर कैसा?
O Panneerselvam Exits NDA: तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम (OPS) के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक कार्यकर्ता अधिकार पुनर्प्राप्ति समिति (ACRCC) ने बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से रिश्ता तोड़ लिया है। यह सनसनीखेज फैसला चेन्नई में समिति की हाई-लेवल बैठक में लिया गया।
OPS के इस कदम ने तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है। आइए, जानते हैं इस ड्रामे की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजहें!

NDA से क्यों लिया किनारा?
OPS के करीबी और ACRCC के सलाहकार पनरुति एस. रामचंद्रन ने पत्रकारों से बातचीत में खुलासा किया कि यह फैसला कई कारणों से लिया गया, जो 'सबको पहले से पता हैं।' सूत्रों की मानें तो NDA के साथ तनाव की मुख्य वजह OPS की अनदेखी थी।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तमिलनाडु यात्रा के दौरान OPS को उनसे मिलने का मौका नहीं दिया गया, जिससे वह नाराज थे। रामचंद्रन ने पहले ही TNIE से कहा था, 'NDA, OPS की उपेक्षा कर रहा है। उन्हें गठबंधन से बाहर निकल जाना चाहिए।'
बैठक में तीन बड़े फैसले लिए गए:-
- NDA से अलगाव: समिति ने तुरंत प्रभाव से गठबंधन छोड़ने का फैसला किया।
- राज्यव्यापी दौरा: OPS जल्द ही तमिलनाडु में एक बड़ा अभियान शुरू करेंगे, जिससे उनकी सियासी सक्रियता बढ़ेगी।
- गठबंधन पर रोक: फिलहाल ACRCC किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। भविष्य में परिस्थितियों के आधार पर गठबंधन का फैसला लिया जाएगा।
OPS की चुप्पी, रामचंद्रन का जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में OPS ने NDA से अलग होने पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'पनरुति रामचंद्रन की बात सुनें, वही सब बता देंगे।' इस चुप्पी ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या OPS अपनी रणनीति को गुप्त रखना चाहते हैं, या यह उनका सधा हुआ कदम है?
सीएम स्टालिन से मुलाकात का राज
जब पत्रकारों ने OPS से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ उनकी हालिया मुलाकात के बारे में पूछा, तो उन्होंने इसे महज संयोग बताया।
OPS ने कहा, 'मैं चेन्नई में रहते हुए थियोसोफिकल सोसाइटी में सुबह की सैर के लिए जाता हूं। आज सुबह वहां सीएम स्टालिन भी आए थे, और हमारी मुलाकात हुई। बस इतना ही।' लेकिन इस मुलाकात ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है। क्या OPS, DMK के साथ कोई नया गठजोड़ करने की सोच रहे हैं?
OPS का सियासी सफर कैसा?
ओ पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु की सियासत का बड़ा नाम हैं। वह AIADMK के दिग्गज नेता और तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2016 में जे. जयललिता के निधन के बाद AIADMK में टूट पड़ी, और OPS ने अपनी अलग राह चुनी। उनकी ACRCC AIADMK के कार्यकर्ताओं के हक की लड़ाई का दावा करती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में OPS की समिति ने NDA के साथ गठबंधन किया था, लेकिन अब यह रिश्ता टूट चुका है।
क्या होगा आगे?
OPS का NDA से अलग होना तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर ला सकता है। उनके राज्यव्यापी दौरे और गठबंधन पर भविष्य में फैसले की बात ने हर किसी को सस्पेंस में डाल दिया है। क्या OPS अब DMK के साथ नजदीकी बढ़ाएंगे, या AIADMK के किसी धड़े के साथ सुलह करेंगे? क्या वह 2026 के विधानसभा चुनाव में नया सियासी समीकरण बनाएंगे?
फिलहाल, OPS की चुप्पी और उनके अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं। तमिलनाडु की सियासत में यह नया ड्रामा क्या रंग लाएगा, यह देखना बाकी है।
आपके मुताबिक, OPS का अगला कदम क्या होगा? कमेंट्स में अपनी राय दें!












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