चंद्रयान -3: आखिरी के 15 मिनट चंद्रयान-3 की सफलता में क्यों हैं सबसे जरूरी?

Chandrayaan-3 Last 15 minutes: भारत का चंद्रयान-3 इतिहास बनाने से सिर्फ एक दिन दूर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कहा है कि 23 अगस्त की शाम 6 बजकर 04 मिनट पर चंद्रयान-3 चांद पर ऐतिहासिक लैंडिंग होगी। इसरो 23 अगस्त को शाम 05 बजे के बाद से चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतारने की कोशिश में लग जाएगा।

चंद्रयान-3 का लैंडर 40 दिनों की लंबी यात्रा के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव सतह पर उतरने की तैयारी करेगा। लेकिन इसमें सबसे अहम प्रक्रिया लैंडिंग की है, जो बहुत नाजुक और जटिल है। लैंडिंग से पहले की 15 से 20 मिनट सबसे जरूरी और अहम होते हैं।

Chandrayaan-3 Last 15 minutes

आखिरी के 15 मिनट को 'आतंक' बताया था ISRO के पूर्व अध्यक्ष ने

बता दें कि चंद्रयान -2 की लॉन्चिंग में भी आखिरी के 15 मिनट ही सबसे खतरनाक साबित हुए थे। उस वक्त चंद्रयान -2 मिशन को लीड कर रहे और इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. सिवन ने मिशन की नाकामी के लिए आखिरी के 15 मिनट का 'आतंक' बताया था।

बता दें कि साल 2019 में जब, चंद्रयान- 2 की लॉन्चिंग में लैंडर मॉड्यूल चंद्रमा की सतह पर 2.1 किमी की ऊंचाई तक पहुंचा था, तो सब कुछ इसरो के मुताबिक सही चल रहा था। लेकिन एक छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी के कारण आखिरी 15 मिनट में लैंडर मॉड्यूल क्रैश हो गया था।

इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक का कहना है कि अगर सारी परिस्थितियां हमारे अनुकूल रही तो निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 23 अगस्त को शाम छह बजे के आसपास हम लैंडिंग के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर हमें परिस्थितियां अनुकूल नहीं मिली तो हम लैंडिंग को 27 अगस्त तक के लिए टाल सकते हैं।

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